फीफा अंडर - सत्रह विश्व कप: हारकर भी सबके दिल जीत गई भारतीय फुटबाल टीम

फीफा विश्व कप के इतिहास का पहला मैच खेलने उतरी भारतीय अंडर-17 टीम जब हाफ टाइम में 0-1 से पीछे होकर वापस आ रही थी तो स्टेडियम में मौजूद दर्शक खड़े होकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे थे। जब टीम 0-3 से हारकर स्टेडियम की तरफ बढ़ रही थी तो दर्शक दीर्घा में मौजूद लोग उनके लिए तालियां और सीटियां बजा रहे थे, क्योंकि उन्हें भी पता था कि अपना पहला ऐतिहासिक मैच खेलने उतरी टीम इंडिया ने अपेक्षाकृत अच्छा खेल दिखाया और अमेरिका जैसी टीम को चुनौती दी।

मणिपुरी मिडफील्डर अमरजीत सिंह कियाम के नेतृत्व वाली भारतीय टीम अमेरिका, कोलंबिया और दो बार की चैंपियन घाना के साथ कठिन ग्रुप-ए में शामिल है। उसे 24 टीमों के टूर्नामेंट के अगले दौर में पहुंचने के दावेदार के रूप में नहीं देखा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद अपने प्रदर्शन से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रबल दावेदार अमेरिका के ज्यादातर खिलाड़ी मेजर लीग सॉकर की युवा टीम में खेल चुके हैं और कुछ तो शीर्ष यूरोपीय क्लबों के लिए खेलने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद भारतीय टीम ने उनको कई बार आसानी से रोका और दो बार उसके पास गोल करने के भी मौके थे। 

पहली बार किसी फीफा विश्व कप में उतरी भारतीय फुटबॉल टीम पर अमेरिका ने शुरुआत से ही आक्रमण जारी रखा। पांचवें मिनट में ही अमेरिका ने गेंद को भारतीय गोलपोस्ट की तरफ ढकेला, लेकिन धीरज मोइरेंगथम ने शॉट को रोक लिया। दो मिनट बाद अमेरिकी खिलाड़ी मेजबान के गोलपोस्ट के पास तक पहुंचे, लेकिन उनका यह प्रयास खराब गया। 10वें, 11वें और 14वें मिनट पर भारत ने फाउल किया। 16वें मिनट में अमेरिका को फ्री किक मिली, लेकिन गोलकीपर धीरज ने उसे बेकार कर दिया। 20वें मिनट में अमेरिका को कॉर्नर किक मिली, लेकिन उसे भी भारत ने असफल बना दिया। 29वें मिनट में जीतू का हाथ अमेरिकी खिलाड़ी को लगा और वह गिर गया। अमेरिकी खिलाड़ी को रोकने के प्रयास में रेफरी ने मेहमानों को पेनाल्टी दे दी। इसका पूरा फायदा उठाते हुए जोश सरजेंट ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। धीरज उसे नहीं रोक पाए। 

35वें मिनट में निनथोई ने शानदार प्रयास करते हुए गेंद को अमेरिकी गोल पोस्ट के नजदीक पहुंचाया तो पूरा स्टेडियम इंडिया-इंडिया से गूंज गया। हालांकि, उनकी यह कोशिश नाकाम हो गई। 38वें मिनट में कोमल ने हैंडबॉल की अपील की, लेकिन उसे नहीं माना गया। अगले पांच मिनट तक भारतीय टीम ने जबर्दस्त खेल दिखाया। वे कई बार अमेरिकी गोल पोस्ट तक पहुंचे, लेकिन आखिरी आक्रमण नहीं कर पाए। 40वें मिनट में कोमल ने अनिकेत को पास किया, लेकिन अनिकेत उसे अमेरिकी डिफेंडर से बचा नहीं पाए। 43वें मिनट में भारत की तरफ से अनिकेत ने पहला सकारात्मक हमला किया, लेकिन गेंद सीधे गोली के हाथ में चली गई। अनिकेत फुटबॉल को गोल तक पहुंचाते तब तक अमेरिकी डिफेंडर आ गए। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा।