बस खाई में गिरी, डेढ़ दर्जन घायल

सुनील यादव 
दैनिक अग्र भारत 

एटा : शुक्रवार सुबह आगरा रोड पर टायर फटने से अनियंत्रित प्राइवेट बस खाई में पलट गई। हादसे में डेढ़ दर्जन यात्री घायल हो गए। पुलिस के देर से पहुंचने पर आक्रोशित लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया। घायलों को स्वास्थ्य केंद्र मे भर्ती कराया गया है।

फीरोजाबाद की प्राइवेट बस जलेसर आते समय बस स्टैंड से 100 मीटर पहले अगला टायर फटने से अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। बस पलटने से छत पर सवार स्कूल जाने वाले छात्र इधर-उधर जा गिरे। बस में बैठे यात्रियों की चीखपुकार मच गई। हादसा होते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य केंद्र के प्रभावी डॉ. पवन शर्मा चिकित्सकीय दल एवं एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गए। घायलों को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। सूचना के आधा घंटे तक डायल 100 की गाड़ी के नहीं पहुंचने से लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचे एसडीएम विजय कुमार ने समझा बुझाकर यातायात सुचारू करा दिया। पुलिस ने क्रेन और जेसीबी बुलाकर मौके पर बुलाकर बस को खाई से बाहर निकलवाया। एसडीएम ने बताया कि हादसे में 17 लोग घायल हुए हैं, जिनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है। सभी की हालत खतरे से बाहर है।

हादसे में हुए घायलों में आगरा जिले के सराय जयराम निवासी सतीश कुमार, नगरिया पोखराम निवासी लटूरी ¨सह, चूहरपुर निवासी जयवीर, फीरोजाबाद जिले के रानी गांव निवासी हुसैन मुहम्मद, नगला बीच निवासी इंदरपाल, पानी गांव निवासी असगरी, रसूलाबाद निवासी रामनिवास, भैंसागांव निवासी केसर देवी पत्नी उदय प्रताप, फीरोजाबाद निवासी डॉ. अश्वनी शर्मा, डॉ. स्मिता शर्मा, जलेसर क्षेत्र के नगला सियाराम निवासी कृष्णगोपाल, आराजीवीरहार निवासी ऊषा देवी पत्नी महेंद्र, चंद्रपाल, नगला मई निवासी गुड्डी देवी पत्नी श्रीकृष्ण, धर्मपुर निवासी ताराचंद्र, राजेश कुमार और सकरौली क्षेत्र के ग्राम महापुर निवासी गुड्डी देवी पत्नी एवरन ¨सह शामिल हैं।

  क्षेत्र में रोडवेज डिपो न होने के कारण प्राइवेट बस के संचालक मनमानी करते हैं। प्राइवेट बसों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने को नियत समय सीमा तय है। उससे देरी होने पर विलंब शुल्क देना पड़ता है। बस संचालक ज्यादा सवारियों के लालच में शुरू में तो बस बहुत धीरे चलाते हैं। समय सीमा में ही बस पहुंचाने के लिए बाद में तेज गति कर सवारियों की जान जोखिम में डाल देते हैं। शुक्रवार को भी बस स्टैंड पर जल्दी पहुंचने के चक्कर में गाड़ी की गति तेज होने के कारण यह हादसा हुआ।फीरोजाबाद बस अड्डे के निकट हुए हादसे के बाद डग्गेमारों में हड़कंप मच गया। सभी बस स्टैंड पर सन्नाटा छा गया। दिन भर चलने वाली बिना परमिट डग्गेमार बसें गायब हो गईं। मौके पर पहुंचे एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस का परमिट 2021 तक है। उन्होंने कहा कि डग्गेमारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।