3 मिनट में बर्बाद हुआ पाकिस्तान

नवाज शरीफ की कुर्सी जाते ही PAKISTAN STOCK एक्सचेंज (पीएसएक्स) 3 मिनट में 1100 अंक लुढ़क गया। इन 3 मिनटों के दौरान लगभग 200 पाकिस्तानी कंपनियों के शेयर लाल निशान के नीचे चले गए और PAKISTAN के शेयर बाजार से 2 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।


गौरतलब है कि कोर्ट के फैसले के इंतजार में शेयर बाजार पर शुरुआती कारोबार गिरावट के साथ हो रहा था। लेकिन नवाज शरीफ परिवार के खिलाफ हुई इस जांच से शेयर बाजार को सिर्फ यही नुकसान नहीं हुआ है। 24 मई को मामले का पूरी तरह खुलासा होने के बाद से अभी तक पाकिस्तानी शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक 7000 अंकों की गिरावट देख चुका है। नवाज शरीफ परिवार के खिलाफ पनामा लीक्स केस में जांच शुरू होने से लेकर सुनवाई और फिर अंतिम फैसले तक 273 दिन लगे। इस दौरान पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने 50 सुनवाई की जिसमें कुल 150 घंटे लगे।
 
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित ज्वाइंट इंवेस्टीगेशन टीम (जेआईटी) ने कोर्ट को 14,000 पन्नों की अपनी रिपोर्ट 10 जुलाई को सौंपी थी। कोर्ट की सुनवाई के दौरान कुल 307 प्रश्न पूछे गए। वहीं जेआईटी ने 14,000 पन्नों की अपनी रिपोर्ट को दो महीने लंबी जांच के बाद तैयार किया था। अप्रैल 2016 में पनामा पेपर लीक होने के बाद खुलासा हुआ था कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बच्चों के नाम विदेशों में कई कंपनियां हैं।

शरीफ परिवार ने विदेश में मौजूद अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं किया है। शरीफ कंपनियों के नाम रजिस्टर्ड कंपनियों का इस्तेमाल मनीलॉन्डरिंग के लिए किया जा रहा था। इन कंपनियों के जरिए शरीफ परिवार विदेशों में संपत्ति बनाने के लिए फंड जुटाते थे। ऐसे तरीकों से शरीफ परिवार ने लंदन के पार्क लेन मेफेयर एरिया में कई फ्लैट खरीदे हैं। पनामा पेपर्स से यह भी खुलासा हुआ था कि शरीफ परिवार ने पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई दौलत को विदेश में निवेश किया है।