निठारी मामला : नरप्राशाचो को मिली मौत की सजा

गाजियाबाद:  सनसनीखेज निठारी कांड में विशेष सीबीआई अदालत ने व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंधेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को आज मौत की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने घरेलू सहायक 12 वर्षीय पिंकी सरकार की हत्या से जुड़े मामले में दोनों को मौत की सजा सुनाई।
रोंगटे खड़े कर देने वाले निठारी कांड के आठवें मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को उद्योगपति मनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरिंदर कोली को फांसी की सजा सुनाई है। 20 वर्षीय पिंकी सरकार के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के इस मामले में सजा का एलान किया।
इसके साथ ही अदालत ने कोली और पंधेर पर क्रमशः 35 और 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोली और पंधेर दोनों को अदालत ने धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई है। फैसला आते ही कोर्ट में मौजूद प‌िंकी के पर‌िजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।


सीबीआई के प्रवक्ता आर के गौर ने बताया कि पंधेर और कोली को इस मामले में अपहरण, बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराया गया। पुलिस को 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी स्थित पंधेर के घर से 19 कंकाल मिले थे।

पंधेर और कोली के खिलाफ कुल 19 मामलों में से 16 में आरोप पत्र दाखिल किया गया जबकि तीन मामलों को सबूतों के अभाव में बंद कर दिया गया। ज्यादातर पीड़ित कम उम्र की लड़कियां थीं। पिंकी सरकार मामले से पहले, इन दोनों को नौ मामलों में दोषी ठहराया गया और सजा भी सुना दी गई जबकि सात मामले अभी भिन्न चरणों में चल रहे हैं। उन मामलों में पंधेर को कारावास की सजा सुनाई गई जबकि कोली को मौत की सजा सुनाई गई है।