आरोपों से घिरे मथुरा के एसएसपी हटे, गौरव ग्रोवर बने नये पुलिस कप्तान

मथुरा। डॉक्टर अपहरण कांड में आईजी आगरा ए सतीश गणेश द्वारा की गई जांच के बाद विवादों में चल रहे आईपीएस अधिकारी और मथुरा के एसएसपी रहे शलभ माथुर का तबादला हो गया है, उन्हें विशेष जांच लखनऊ का डीआईजी बनाया गया है। इस चांज में एसएसपी से लेकर एसएचओ तक की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद यह कार्रवाई हुई है। शलभ माथुर का हाल ही में एक जनवरी को एसएसपी के पद से डीआईजी के पद पर प्रमोशन हुआ है। वो 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मथुरा के अलावा गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और नोएडा जैसे बड़े जिलों के भी एसएसपी रह चुके हैं।
डॉक्टर अपहरण कांड में फिरौती की रकम के बंटवारे के आरोपों से घिरे मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर को शुक्रवार देर रात हटा दिया गया। उनकी जगह गौरव ग्रोवर को मथुरा का एसएसपी बनाया गया है।
इसी मामले में हाइवे थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया था, सर्किल के क्षेत्राधिकारी को एसएसपी कार्यालय से संबद्ध किया था। इस बात की संभावना जताई जा रही थी कि एसएसपी के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। हालांकि अभी अपहरण कांड के किसी आरोपित को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। अपहरण की घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों के नामों का पुलिस खुलासा कर चुकी है। इसके बाद इस घटनाक्रम की लगातार परतें उधड रही हैं। यह तरह की खबरें भी आ रही हैं कि एक नहीं दो चिकित्सकों का अपहरण हुआ था, तीसरे चिकित्सक का नाम भी आ रहाह ैजिसकी भूमिका इन दोनों अपहरणों में हो सकती है। इस सब के बीच आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने की वजह से पुलिस पर उगली उठ रही हैं। उधर, डॉक्टर का अपहरण करने वाले चारों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। बीत वर्ष दिसंबर माह में मथुरा के एक डॉक्टर का अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने डॉक्टर के परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। परिजनों ने 52 लाख रुपये अपहरणकर्ताओं को देकर डॉक्टर को छुड़ा लिया था।
डॉक्टर के पास जब बाकी पैसे देने के लिए अपहरणकर्ताओं ने संपर्क किया और दोबारा अपहरण की धमकी दी तो डॉक्टर ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि जिस तीसरे चिकित्सक का नाम आ रहा है उसने ही पुलिस सूत्रों को इस बात की जानकारी दी। ऊपर के अधिकारियों तक भी यह बात उसी चिकित्सक ने पहुंचाई। इस घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक अपहरणकर्ता को हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि पुलिस ने फिरौती की रकम हड़प ली और बदमाश को छोड़ दिया था।  मामला जब मीडिया में उछला तो एडीजी कानून व्यवस्था के निर्देश पर आगरा के आईजी रेंज को दी गई। उन्होंने 22 बिंदुओं पर एसएसपी से जवाब मांगा था। सूत्रों का कहना था कि एसएसपी का जवाब संतोषजनक नहीं था। आईजी ने इस मामले में एसएसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की थी।