पानी के लिए फिर मचेगा हाहाकार, भू गर्भीय जल को लेकर मूड फुटव्वल

मथुरा। मथुरा का भूमिगत जलस्तर भी क्रिटिकल स्थिति में पहुंच गया है। अभी गर्मी का सीजन शुरू नहीं हुआ है लेकिन लोगों में मूड फुटव्वल शुरू हो गई है।   भूमिगत जल का दोहन रोकना होगा, क्योंकि यहां की स्थिति डार्क जोन के नजदीक पहुंच गई है। 11 में से 4 ब्लाक पहले ही डार्क जोन में हैं। यदि लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाले समय में भूमिगत पानी को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
भूगर्भ जल विभाग ने वर्ष 2017 से 2019 के बीच प्री मानसून और पोस्ट मानसून की रिपोर्ट तैयार की है। यह लोगों को चिंता में डालने वाली है।  
हालांकि लोग इस बात को लेकर अब मजबूरी में ही सही लेकिन सतर्कता बरत रहे हैं। यही सतर्कता यमुनापार में वार्ड एक की प्रीतिबिहार कालोनी में कलह की वजह बन गई है। वार्ड पार्षद कालोनी में गहरी बोरिंग कराना चाहते हैं जिससे करीब 200 से 250 घरों तक पानी पहुंचाया जा सके। पार्षद प्रेमवती के प्रतिनिधि प्यारे लाल का कहना है कि बोरिंग लोगों की मांग पर ही कराई जा रही है। बोरिंग को कालोनी में कई जगह कराने का प्रयास किया गया लेकिन लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना है कि यहां हर घर में सबर्मिर्सबल लगी हैं। जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। पानी की किल्लत बहुत है। लोग पानी का समझदारी से उपयोग कर रहे हैं। डीपवोरबैल होने से भूगर्भीय जल स्तर और नीचे पहुंच जाएगा। हमारे सबर्मिर्सबल लटक जाएंगे। अगर यह बोरिंग भविष्य में फेल होती है तो इसके बाद हम कहां से पानी पीएंगे। यही वजह है कि कई जगह बोरिंग करने का प्रयास किया गया लेकिन लोगों ने बोरिंग होने नहीं दी है। पार्षद ने आखिर में कालोनी में नीलम और विजय पाल सिंह के मकानों के सामने बीच रास्ते में बोरिंग कराने का फैसला किया। यहां भी लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसी को लेकर स्थानीय लोग और पार्षद समर्थक आमने समाने आ गये। स्थानीय निवासी किशन सिंह, लक्ष्मण सिंह, चंद्रपाल सिंह, इंदल सिंह, सुनील कुमार, नारायण सिंह, संजय कुमार, विजय पाल सिंह, हरकेश, मीरा, सुनीता, मंजू, केडी खुराना, बीपीएस खुराना, रूकमणी देवी आदि ने इसकी जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, महापौर के अलावा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल तक पर षिकायत कर दी। दूसरी ओर पार्षद ने स्थानीय पुलिस चैकी और पुलिस थाने पर सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत इन लोगों के खिलाफ दे दी। गुरूवार को अपने समर्थकों के साथ पार्षद प्रतिनिधि एक बार फिर बोरिंग कराने पहुंच गये। स्थानीय लोगों ने फिर विरोध शुरू कर दिया। पार्षद ने पुलिस बुला ली और पुलिस की मदद से काम शुरू कर दिया। क्षेत्रीय लोगों ने काम नहीं होने दिया। इसी को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

अधिकांश घरों में लगे सबमर्सिबल पंप
जल निगम शहर के हर घर तक पानी पहुंचाने में कामयाब नहीं हो सका है। इसकी वजह से अधिकांश घरों में सबमर्सिबल पंप लगे हैं। जहां जल निगम की पाइप लाइन है भी लेकिन जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु न होने की वजह से लोगों को सबमर्सिबल पंप लगवाने पड़े हैं। अभी तक इनके लिए कहीं से कोई अनुमति नहीं ली जाती है। मगर, प्रदेश सरकार ने इसे अब इसे अनिवार्य कर दिया है।

कारों की धुलाई में बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी
शहर में हर रोज हजारों लीटर पानी कारों की धुलाई में बर्बाद किया जाना है। बिना किसी अनुमति के लिए कार धुलाई केंद्रों ने बड़े-बड़े सबमर्सिबल पंप लगा लिए हैं। इनकी मदद से हजारों लीटर भूमिगत पानी खींचा जा रहा है।

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फोटो परिचय-वार्ड नम्बर एक की प्रीतिबिहार कालोनी में की जा रही इसी गहरी बोरिंग का विरोध कर रहे हैं लोग।