सरकार ने गोशाला खोल दीं, फंड भेजा नहीं

-गोशालाओं को पैसा नहीं मिलने से बढी परेशानी
-ग्रामीण बोले जानबूझ कर परेशान कर रहे अधिकारी

 


मथुरा। आवारा गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक ब्लाक में गोशाला खोली गई हैं। सभी गोशालाओं के लिए फंड की भी व्यवस्था की गई थी। प्रत्येक गोवंश पर तीस रूपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा मिलना था, ग्रामीणों ने भी इस में रूचि दिखाई। ग्राम प्रधानों के सहयोग से बीडीओ ने मांग के अनुरूप ग्राम पंचायतों में आवार गोवंश की सुरक्षा के लिए गोशालाओं में रखवा दिया। हालांकि अभी भी जितना गोवंश इन गोशालाओं में है उससे कई गुना ज्यादा आवारा घूम रहा है। इस प्रक्रिया को आगे बढाया जाता इससे पहले सरकारी सिस्टम आडे आ गया। जो गोशालाएं खुली उनमें से किसी को एक महीने का खर्च मिल गया तो किसी को फूटी कोडी नहीं मिली। कहीं ग्रामीण आपस में चंदा कर तो कहीं ग्राम प्रधान के सहयोग से किसी तरह गायों के चारे पानी का इंतजाम कर रहे थे। कई महीने बीत जाने के बाद भी जब प्रशासन की ओर से पैसा नहीं मिला तो ग्रामीणों के हाथ पैर फूलने लगे हैं। गोशाला के लिए पहल करना ही अब उनके लिए मुशीबत बन गया है। ग्राम प्रधान लगातार इसके लिए लिखपढी कर रहे हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब इन गोवंश को कब तक वह अपने पैसे से चारा पानी दंे यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है। कई गोशालाओं में तो गायों की स्थित अब खराब होने लगी है। शासन की ओर से मिलने वाला पैसा हालांकि पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि तीस रूपये में एक पशु का पेट कैसे भर सकता है। बवजूद इसके कुछ मदद तो मिलेगी है। गोवंश की देखभाल की जिम्मेदारी भी ग्रामीणों ने खुद उठा रखी है। इसका भी वह कोई पैसा नहीं माग रहे हैं। गायों की देखभाल के लिए कम से कम दो लोगों की जरूरत होती है।

राया ब्लाक में दो गोशालाओं को ही मिला पैसा
राया ब्लाक में खजूरी, खलौआ, गुडेरा, नगला हरी, वंशे ग्राम पंचायतों में गोशालाएं खोली गई थीं। इनमें से अभी तक सिर्फ खजूरी और गुडेरा की गोशालाओं को ही पैसा मिला है। नगला हरी, वंशे, और खलौआ की गोशालओं को कोई पैसा नहीं मिला है।

कहां कितना गोवंश
नगला खजूरी की गोशाला सचिव कार्यालय पर बनाई गयी है जिसमें 20 गाय, 40 सांढ हैं। खलौआ की गोशाला हनुमान मंदिर बगीची पर खोली गई है में 30 गाय 90 सांड हैं। गुडेरा ग्राम पंचायत की गोशाला गढी नंदा खेर पर बनाई गयी है यहां 50 गाय 90 सांड रखे गये हैं। नगला हरी मुडसैनियां में रब्वी बाबू की प्लाट में बनाई गयी है जिसमें 12 गाय और 18 सांड हैं। वंशे में शिव सिंह के घर के सामने तालाब किराने   बनी गोशाला में 22 गाय और 40 सांड रखे गये हैं।