कानपुर के सटोरिये से डेढ़ साल पहले हड़प लिये थे 15 करोड़ रुपये आगरा के डी. शेयर ने

आगरा। सटोरियों पर चल रहे अभियान में पुलिस फिलहाल कुछ सुस्त हो गई है। इसको लेकर विभाग और सट्टे की दुनिया से नाता रखने वालों में तरह-तरह की चर्चाए आम हैं। पुलिस ने संजय कालिया पर कार्रवाई कर दी और रिंकू सरदार कुछ नाटकीय अंदाज में पुलिस की पकड़ में आ गया। उसके बाद भी अभी कई बड़े नाम पुलिस की पकड़ से दूर हैं। जबकि उनके चेले शहर में आॅन लाइन बुक की गद्दियां संभाले हुए हैं। न्यू आगरा का जॉली एक बड़ा सटोरिया है। उसे पुलिस आज तक छू तक नहीं सकी है। आईजी की टॉप-10 में उसका नाम है। डी शेयर मंटोला के कुख्यात इमरान का सहयोगी रहा है। दोनों की पिछले कुछ माह पहले ही मोबाइल डिटेल निकाली जाये तो दूध का दूध, पानी का पानी हो जायेगा।

मंटोला का इमरान, कमला नगर का अंकुश, आशू, बल्केश्वर का अन्नू उर्फ अनूप उपाध्याय पुत्र प्रेमचंद, मोती कटरा का प्रवीन पटेल, भरतपुर हाउस का स्वदेश गागा ताजगंज का सुल्लड़ विजय नगर का योगेश दवाई अमर विहार निवासी जॉली आदि के नाम एसएसपी की लिस्ट में हैं। पुलिस कार्रवाई में जुटी है। इमरान, अंकुश आदि शहर छोड़ चुके हैं, लेकिन अन्य सभी शहर में ही रहकर अपने नेटवर्क को चला रहे हैं। जॉली पर तो मुकदमा भी दर्ज हुआ है। उसके घर दीपावली के बाद क्राइमब्रांच ने दबिश भी दी थी। घर में भाई और अन्य लोग मिले थे। एक सफेदपोश ने दस लाख रुपये में पुलिस को मैनेज करने का ठेका लिया। सूत्रों के मुताबिक जॉली के पास से दस लाख रुपये सफेदपोश पुलिस के लिए लेकर गया था। पुलिस ने रिंकू सरदार पर शिकंजा कसा और वह पकड़ा गया। मंटोला पुलिस ने इमरान पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अंकुश भी सरेंडर की फिराक में है। पुलिस की कार्रवाई से अभी कई बड़े नाम बचे हुए हैं। इसमें जॉली और डी...शेयर भी है। कमला नगर का डी...शेयर इमरान का  पुराना साथी रहा है।

स्पिनएच डॉट कॉम नाम से है आईडी
इंग्लैंड में वेडफेयर नाम की वेबसाइट पर जुआ खिलाया जाता है। वहां आॅनलाइन सट्टा खेलने की परमीशन है। उसी के पैलरल  ने पहले एटमेक्स नाम से वेबसाइड (सर्वर) बना रखी थी। अग्र भारत ने पहले भी खुलासा किया था। उस दौरान यह आईडी बंद हो गई थी। फिलहाल स्पिनएच डॉट कॉम नाम से नई आई चला रहा है। यह आईडी मध्यप्रदेश के डबरा निवासी मोनू से ली है। मोनू को आगरा में इस धंधे से जुडृे लोग मोनू डबरा नाम से जानते हैं। नये ग्राहकों को जोड़ने के लिए बाकायदा वेबसाइड का लिंक भेजा जाता है, ग्राहक की नई आईडी बना दी जाती है। मैच के दौरान उसे नंबर दे दिये जाते हैं। दूसरे दिन सुबह हिसाब होता है। दोपहर को सभी खेलने वाले ग्राहकों से पेमेंट लेते-देते हैं।

बुक को संभाल रहा गैलाना का लंगड़ा
जॉली खुद तो अंडरग्राउंड हो गया है, लेकिन उसकी बुक को आगरा में सिकंदरा के गैलाना निवासी अ.. लगड़ा हंडिल कर रहा है। जॉली की बुक आगरा के अलावा इटावा और मथुरा में भी चल रही हैं। इटवा का काम अनुज देख रहा है। श्याम बोहरा के नोयडा शिफ्ट होने के बाद क्रिकेट मैच सट्टे का ज्यादातर काम जौली के पास आ गया है। इटावा में जॉली से कई सफेदपोश नेता भी जुड़े हैं। उनके साथ मिलकर युवओं कारोबारियों को बर्बाद करके रख दिया है। क्रिकैट मैच के सट्टे के साथ जॉली की बुक पर फुटबाल और टेनिस पर भी सट्टा (वेट) लगती है। एक दिन में लाखों रुपये ईधर से उधर हो जाते हैं। आॅनलाइन सट्टा खेलने वाले इन तीन खेलों के अधिक प्रेमी होते हैं। यही वजह है कि क्रिकैट के फ्लॉअर अधिक हैं।

इमरान का पुराना साथी है डी शेयर
कमला नगर निवासी डी शेयर संजय प्लेस से एमसीएक्स का सट्टा चला रहा है। शेयर मार्केट के बादशाह है। मंटोला के सट्टा माफिया इमरान का पुराना साथी है। डेढ़ साल पहले डी शेयर की गद्दी पर कानपुर का एक खिलाड़ी एमसीक्एस में 15 करोड़ रुपये हारा था। डी शेयर ने कानपुर के खिलाड़ी बेइमानी कर ली थी। कानपुर का व्यक्ति सफेदपोश नेताओं के पास पहुंच गया। पंचायत में ंकई बड़े नेता और कुख्यात बैठे। सपा के एक नेता ने दोनों की बीच मध्यस्ता कराई। नेता ने भी डी शेयर का पक्ष लेते हुए 15 करोड़ का मामला डेढ़ करोड़ में निबटा दिया। पुलिस इमरान के मोबाइल की डिटेल निकाले तो डी शेयर का लिंक सामने आ जायेगा।