किसानों के मसीहा व पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह का जन्मदिवस धूमधाम से मनाया

-किसान दिवस के रुप में मनाया जाता है चौ.चरण सिंह का जन्मदिन
 
चौ.चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन करते जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र
एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष एवं उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट।
 
 
मथुरा। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कलेक्ट्रट पर पूर्व प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर माल्यापर्ण एवं पुष्प अर्पित करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश हैं जहां कि जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा खेती-किसानी के काम में मशगूल रहता है। किसान जब खेत में मेहनत करके अनाज पैदा करते हैं तभी वह हमारी थालियों तक पहुंच पाता है। ऐसे में किसानों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए २३ दिसंबर को किसान दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
श्री मिश्र ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले किसानों को आज का दिन समर्पित है। आज ही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन भी है, जो किसानों के हितैषी थे और उनके सम्मान में ही आज के दिन को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें किसानों के मसीहा के तौर पर भी जाना जाता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवे प्रधानमंत्री थे। हालांकि उनका कार्यकाल ज्यादा दिनों का नहीं था। वह २८ जुलाई १९७९ से १४ जनवरी १९८० तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में २३ दिसंबर १९०२ को हुआ था। अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने किसानों की दशा सुधारने के लिए कई नीतियां बनाईं।
डीएम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि किसानों के प्रति उनका प्रेम इसलिए भी था क्योंकि चौधरी चरण सिंह खुद एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे और वह उनकी समस्याओं को अच्छी तरह से समझते थे। राजनेता होने के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एक अच्छे लेखक भी थे। उनकी अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ थी। लेखक के तौर पर उन्होंने एबॉलिशन ऑफ जमींदारी, इंडियाज पॉवर्टी एंड इट्ज सॉल्यूशंस और लीजेंड प्रोपराइटरशिप जैसी किताबें लिखी हैं।