75 हजार लीटर मिट्टी के तेल का हुआ खेल

मिट्टी के तेल घोटाले का मामला गोवर्धन तहसील से आया है सामने

भारतीय खाद्य निगम राज्य सलाहकार समिति की बैठक से बाहर आते राजेंद्र अग्रवाल।


मथुरा। जिलापूर्ति कार्यालय में हुए मिट्टी के तेल के खेल का मामला सामने आया है। घोटाले की जांच की जांच में कई अधिकारी और कर्मचारियों की गर्दन फंस सकती है। मामला गोवर्धन क्षेत्र के कार्ड धारकों का है।
सोमवार को भारतीय खाद्य निगम राज्य सलाहकार समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा जिस पर जांच कराने के बाद कार्यवाही करने की बात पर सहमति बनी। बैठक अध्यक्ष भारतीय खाद्य निगम राज सलाहकार समिति एवं सांसद मेरठ राजेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें प्रमुख बिंदुओं पर सुझाव एवं अपने विचार रखे। आलू किसानों के लिए मथुरा जनपद में भारतीय खाद्य निगम द्वारा आलू की खरीद की जाए एवं निगम द्वारा शीतगृह की स्थापना की जाए। गोवर्धन तहसील में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी जिला पूर्ति अधिकारी एडमिट कार्ड के कारण करीब 75 हजार लीटर मिट्टी के तेल घोटाले की जांच कमेटी बनाकर जांच कराई जाए। धान एवं गेहूं किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकृत के उपरांत उनको कमतौल से मुक्त करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए जिससे सीधा लाभ किसानों को होगा एवं पारदर्शिता रहेगी। राशन डीलरों को दिए जाने वाले खाद्यान्न उपरांत स्टॉक रजिस्टर एवं उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया जाए जिससे कालाबाजारी खत्म होगी एवं पारदर्शिता रहेगी।