धूमधाम से माना किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह का जन्मदिवस

-किसान दिवस के रुप में मनाया जाता है चौ. चरण सिंह का जन्मदिन


मथुरा। किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्मदिन धूम धाम से मनाया गया। राजनीतिक दलों के अलावा जिला प्रशासन ने भी अपनी ओर से कार्यक्रम आयोजित किये। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कलेक्ट्रट पर पूर्व प्रधानमंत्री के जन्म दिवस के अवसर पर माल्यापर्ण एवं पुष्प अर्पित करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला।  जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने चै0 चरण सिंह के जन्म दिवस पर आयोजित किसान सम्मान दिवस के अवसर पर उप निदेशक कृषि परिसर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये कि सभी बैंकर्स किसानों की समस्याओं को त्वरित निस्तारित करें। उन्होंने लीड बैंक प्रबंधक से कहा कि छोटी-छोटी बातों के लिए किसानों को बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान खुशहाल होगा तो देश स्वतः खुशहाल रहेगा। उन्होंने बैंकर्स, बीडीओ के साथ प्रत्येक माह के बुधवार को टास्कफोर्स की बैठक करने के भी निर्देश दिये।
श्री मिश्र ने बताया कि किसान सम्मान निधि के लक्ष्य के सापेक्ष 148 प्रतिशत किसानों का पंजीकृत करके मथुरा प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि किसानों के पंजीकृत के लिए निरंतर कार्य कराया जा रहा है। आज भी तहसील में एक कम्प्यूटर आॅपरेटर को बैठाकर पंजीकृत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिर भी किसानों को पंजीकृत कराने में कोई परेशानी हो तो वह उप निदेशक कृषि के यहां से अपना पंजीकरण करा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जब-जब अन्नदाताओं का कोई कार्यक्रम होता है और उनके बीच में मैं मौजूद होता हॅू तो मुझे दिल से खुशी एवं गर्व महसूस होता है। उन्होंने बताया कि जनपद में खाद्य एवं बीज की कोई कमी नहीं है। समय पर किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नहरों की सफाई कराकर किसानों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में नहरों की सफाई कराई गयी है वहां से फोटो भी मंगाये गये हैं।


श्री मिश्र ने किसानों से अनुरोध किया कि वह ज्यादा से ज्यादा फसल बीमा करायें, जिससे दैवीय आपदा व अन्य किसी कारण फसल नष्ट होती है तो उनको फसल का पूरा भुगतान किया जा सके। उन्होंने बताया कि गतवर्ष धान की फसल नुकसान होने पर 49800 किसानों को 123 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया था। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह खेतों में पराली न जलायें इसके लिए कृषि वैज्ञानिक एवं उप कृषि निदेशक से संपर्क करके पराली का प्रयोग भूसे के रूप में खाद के रूप में प्रयोग करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित गौवंश से खेतों की रक्षा करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर गौशालाओं का निर्माण किया गया है तथा उनमें गौवंश रखने के लिए उनकी क्षमता बढ़ायी जा रही है। उन्होंने बताया कि 06 हजार से अधिक गौवंश सरकारी गौशालाओं में रखे गये हैं और निरंतर