मथुरा का जिला कारागार...सुधार या यातनागार?

गुजरता साल उठाता रहा सवाल,  दो बच्चों सहित 10 की मौत

 -554 की क्षमता वाली जेल में बंद है 1664 कैदी
-80 बंग्लादेशियों के साथ 6 से 7 अन्य विदेशी भी हैं
-एक विदेशी कैदी की भी हो चुकी है इसी साल मौत

 

मथुरा जिला कारागार।

मथुरा। किसी अपराध के लिए न्यायालय द्वारा सुनाई जाने वाली सजा की तीव्रता जिला कारगार में कैदी के लिए कहीं ज्यादा होती है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुजरते साल 2019 में अब तक दस बंदियों की मौत हो चुकी है। जबकि 554 की क्षमतावाली मथुरा जिला जेल में 1664 बंदियों को रखा हुआ है। जिनमें से 145 कैदी हत्याके आरोपी हैं। जबकि 80 बंग्लादेशी बंदियों के साथ 6 से 7 अन्य विदेशी भी हैं। एक विदेशी बंदी की मौत भी इसी साल जिलाकारागर में हो चुकी है।
बंदी की मौता ताजा मामला 13 दिसम्बर का है। 17 वर्षीय सचिन कालिया पुत्र मेघष्याम निवासी काषीराम कालोनी थाना रिफाइनरी छिनेती के साथ दूसरी धाराओं में 27 नवम्बर को मथुरा जेल में आया था। जेल प्रषासन का कहना है कि यह नषा का आदी था। सचिन ने 30 नवम्बर को कुछ परेषानी बताई तो उसे जिला कारागर के चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया था। दो दिसम्बर को उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां उसकी जांच हुईं और हैट्रेटाइटिस नामक बीमारी का पता चला। 6 दिसम्बर को छुटटी दे दी गई। 10 दिसम्बर को एक बार फिर बंदी ने कंधे में पारेषानी बताई और एक बार फिर जिला काकरागर में भर्ती हुआ, 12 दिसम्बर को ज्यादा परेषानी हुई तो जिला चिकिस्तालय में भर्ती करा दिया गया।  जिलाकारागार में तैनात चिकित्सक उपेनद्र सोलंकी ने बताया कि उसे बहुत तेज बुखार जिसके बाद सारी जांच हुईं।
13 को आगरा के लिए रेफर कर दिया, आगरा लखउन के केजीएमयू के लिए रेपफर कर दिया गया जहां उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने सिस्टम पर खडे किये गंभीर सवाल
वहीं मृतक के परिजनों ने सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाये हैं। परिजनों का कहना है कि 29 नवम्बर को वह मिलाई करके आये थे, वह पूरी तरह से ठीक था। इसके बाद उसके साथ ज्यादती की गई और उसकी तबियत खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद पुलिसकर्मी आननफानन में उसे का काशीराम कालोनी में फैंक कर चले गये।

शव को फैंककर भागे पुलिसकर्मी, हथकडी मौके पर छूटी
परिजनों का आरोप है लखउन में ही पोस्टमार्टम कर दिया गया। अस्पताल की ओर से बैड उपलब्ध नहीं होने की रिपोट दी गई है। शव को काशीराम कालोनी में फैंकर कर भागते समय पुलिसकर्मी इतनी आपाधापी में थे कि एक हथकडी भी मौके पर ही छूट गई।

उच्चस्तरीय जांच की सिफारिस करेंगेः जेलर
जेलर शैलेन्द्र मैत्रय ने कैदी की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाये जा रहे गंभीर आरोपों के बाद कहा गया है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए वह लिखेंगे। उन्होंने कहाकि बंदी ने परेशानी बताई तो उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, फिर आगरा रैफर कर दिया गया। लखउन में उसकी मौत हो गई।