अस्पताल में स्टाफ द्वारा ऑक्सीजन न देने पर 2 नवजात शिशुओं की मौत

 

मैनपुरी । ईश्वर के बाद धरातल पर दूसरा ईश्वर एक डॉक्टर ही होता है जो  लोगों को मौत के मुंह से निकाल कर जीवन देने का काम करता है।  ऐसे में  डॉक्टर ही लापरवाही करें तो बीमारी से पीड़ित  व्यक्ति को कौन बचाएगा।  इसका जीता जागता सबूत जनपद मैनपुरी के एक प्रसिद्ध अस्पताल में  देखने को मिला जहां एक प्रसूता ने कम समय के दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया जिन्हें ऑक्सीजन की बहुत आवश्यकता थी। ऑक्सीजन ना देने पर और डॉक्टर की लापरवाही के चलते दोनों नवजात शिशु है तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पीड़ित ने पुलिस में चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही और धन उगाई के चलते शिकायत दर्ज कराई है।

पूरा मामला जनपद एटा की ग्राम मनकापुर से जुड़ा है इस गांव के रहने वाले सत्यवान अपनी पत्नी सीमा को साढ़े 7 महीने में ही प्रसव पीड़ा होने होने लगी जो जनपद मैनपुरी के प्राइवेट प्रसिद्ध अस्पताल उत्तम नर्सिंग होम रविवार रात्रि 9:00 लेकर आया जहां चिकित्सक ने सीमा को भर्ती कर लिया। रात के 11:00 बजे सीमा ने  जुड़वा शिशुओं को जन्म दिया।
बच्चे कम दिनों के होने के कारण उन्हें रुई में दबा कर रखा गया। दोनों मासूमों को ऑक्सीजन की बहुत ही सख्त जरूरत थी वहां पर स्टाफ ने बच्चों के पिता को ऑक्सीजन लगने को कहा तो स्टाफ 6000 से लेकर 10000 तक की मांग करने लगा। मासूम बच्चों का पिता ने पैर पढ़ कर विनती की कि आप ऑक्सीजन लगा दें जब छुट्टी होगी तो उनकी पाई पाई चुका कर जाएंगे लेकिन किसी भी स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। लिहाजा पीड़ित दोनों मासूमों को जिला अस्पताल लेकर गया, वहां से सैफई ट्रामा सेंटर  ले गया  जहां पर  वह उन्हें भर्ती नहीं करा सका । बच्चों ने उत्तम नर्सिंग होम  पर तैनात  प्राइवेट स्टाफ की लापरवाही के चलते दोनों मासूमों ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंच गई।
घटना की रिपोर्ट पीड़ित पिता ने नर्सिंग होम संचालक एवं स्टाफ के विरुद्ध तहरीर दी है। समाचार लिखे जाने तक अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।