हेमा मालिनी ने काटी मथुरा में वोटों की फसल

मथुरा। भाजपा प्रत्याशी सिनेस्टार हेमा मालिनी एक बार फिर मथुरा संसदीय क्षेत्र में वोटों की फसल काटी है। इसका नतीजा यह रहा कि हेमा ने मथुरा सीट पर दूसरी बार जीत का परचम लहराया है। अब जीत की औपचारिक घोषणा होना बाकी है। गठबंधन के रालोद प्रत्याशी कुंवर नरेंद्र सिंह दूसरे स्थान पर हैं। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
मथुरा में रालोद की ऐसी हाहाकारी हार की तो किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी ने मतगणना के हर राउंड में इतनी बुरी तरह चीर-फाड़ की कि हैंडपंप के पुर्जे-पुर्जे बिखर गए। मथुरा-वृंदावन विधानसभा क्षेत्र में तो उनकी इकतरफा लीड मानी जा ही रही थी, पर उन्होंने जिस तरह हर विस क्षेत्र में दहाड़ लगाई, उससे रालोद समर्थक बुरी तरह सिहर गए। भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी की इतनी गजब जीत रही कि उसने 2014 का इतिहास याद करा दिया। मथुरा-वृंदावन विस क्षेत्र में उन्होंने रालोद को बुरी तरह धोया। यहां जीत-हार में भारी अंतर रहा। हेमा जहां हर राउंड में अमूमन छह हजार वोट हासिल करती रहीं, वहीं रालोद प्रत्याशी मुश्किल से दो हजार करीब वोट हासिल कर पा रहे थे। कांग्रेस प्रत्याशी की तो और भी बुरी हालत रही। वह महज एक हजार वोट हासिल करने में हांफते रहे। छाता में उन्होंने चमकदार परचम फहराया। यहां वह हर राउंड में औसतन पांच हजार वोट ले रही थीं तो रालोद प्रत्याशी कुंवर नरेंद्र सिंह दो से ढाई हजार के बीच ही वोट ले पा रहे थे। मांट और गोवर्धन में भी यही हालत बनी रही, जबकि बलदेव जो रालोद का गढ़ माना जाता है, वहां भी उन्होंने जीत का अंतर कम नहीं होने दिया। रालोद अपने गढ़ों में ही हांफ गया। बलदेव के तीसरे राउंड में जरूर नरेंद्र ङ्क्षसह को जीत हासिल हुई, लेकिन पूरे संसदीय क्षेत्र में यह एकमात्र राउंड रहा, जिसमें उन्होंने 4569 वोट हासिल किए और हेमा ने 2925 वोट हासिल किए। गोवर्धन विस क्षेत्र में तीसरे राउंड में कुंवर नरेंद्र सिंह ने जरूर आठ हजार से ज्यादा वोट लिए तो हेमा यहां भी उनसे इक्कीस निकल गई और उन्होंने 11 हजार से ज्यादा वोट ले लिए। इसी तरह मथुरा के तीसरे राउंड में उन्होंने करीब नौ हजार वोटों की बढ़त ली।

गोवर्धन विधान सभा में 38000 वोटों की मिली हेमा को लीड
गोवर्धन विधान सभा क्षेत्र से वर्तामान में ठा.कारिंदा सिंह भाजपा कोटे से विधायक हैं। यहां से पार्टी को मिलने वाले वोटों के साथ कारिंदा सिंह का कद जुडा हुआ था। कारिंदा सिंह पहली बार जीत कर विधान सभा पहुंचे हैं। मथुरा से श्रीकांत षर्मा, छाता से चैधरी लक्ष्मीनरायण, बल्देव से पूरन प्रकाश  विधायक है। ये सभी उनके मुकाबले कहीं ज्यादा मजे हुए नेता माने जाते हैं।   
 
मांट में भी जमकर चला हेमा का जादू
लोकसभा चुनावों की मतगणना में मांट विधान सभा क्षेत्र की मतगणना पूरी होते ही बीजेपी कार्यकर्ता उत्साह के साथ बाहर निकले, जहां उन्होंने कहाकि कई दिग्गजों के बीच से बीजेपी को जीत मिली है। वह ऐतिहासिक है। भाजपा नेता राजेष चैधरी ने कहाकि जो राजनीति के ठेकेदार हैं, जो क्षेत्र की जनता की ठेकेदारी करते हैं उनको बीजेपी के हर कार्यकर्ता ने जबाव दिया है। इस बीच 118289 वोट उन्हें मिले हैं। जबकि गठबंधन प्रत्याषी को 75522 मत मिले हैं। उसी लोकदल के गढ में भाजपा प्रत्याषी हेमा मालिनी को 42767 वोट की लीड मिली है। इस क्षेत्र पर पूरे जनपद की निगाहें टिकी हुई थीं। 

इस बार 287892 वोटों से से जीतीं हेमा
हेमा मालिनी - 664291
गठबंधन नरेंद्र सिंह - 376399
कांग्रेस महेश पाठक - 27925

वर्ष 2014 के चुनाव
कुल वोटर- 1566921
जीते- हेमामालिनी, भाजपा- 574633
हारे- जयंत चैधरी, रालोद-243890


चुनाव प्रचार के दौरान गैहूं की फसल काटतीं हेमा मलिनी फाइल फोटो।

 

झलकियां

मांट में गठबंधन की हार अप्रत्याशित:  नरेन्द्र
मांट विधान सभा क्षेत्र की मतगणना पूरी होने के बाद गठबंधन प्रत्याशी कु.नरेन्द्र सिंह ने कहाकि गठबंधन को उतना ही वोट मिला है जो पूर्व में विधान सभा चुनाव में मिला था। यहां पूरी ताकत से चुनाव लडा गया। विधायक ष्याम सुंदर षर्मा और आरएलडी से विधान सभा प्रत्याशी रहे योगेश  नौहवार ने पूरी ताकत झौंक दी थी, लेकिन फिर भी हार मिली यह अप्रत्याशित है। क्षेत्र में रालोद के दिग्गज नेताओं ने पूरी ताकत से प्रचार किया था।  

कोई बाहरी प्रत्याशी पहली बार लगातार दो लोकसभा चुनाव जीता
मथुरा की सांसद हेमा मालिनी अभी तक मथुरा लोकसभा क्षेत्र की मतदाता नहीं हैं। इस लोकसभा चुनाव में भी उन्होंनें अपना वोट मुम्बई में ही डाला। इस तरह से किसी भी बाहरी प्रत्याशी द्वारा लगातार दो लोकसभा चुनाव जीतने का रिकार्ड हेमा मालिनी ने बना दिया है। हालांकि हेमा ने अपना घर वृंदावन में बनवाया है, लेकिन अपना वोट यहां नहीं बनवाया। इससे पहले कई बाहरी प्रत्याषी मथुरा से चुनाव लडे और जीते भी लेकिन हेमा मालिनी ऐसी पहली बाहरी प्रत्याषी हैं जिन्होंने लगातार दो चुनाव जीते हैं। 


मथुरा में कोई बडी सभा नहीं कर सका गठबंधन
मथुरा सीट गठबंधन में रालोद के खाते में आई। यहां से कु.नरेन्द्र सिंह को रालोद ने टिकट दिया। जयंत चैधरी और चारू चैधरी ने मथुरा लोकसभा सीट पर अपने प्रत्याषी को जताने के लिए खूब मेहनत की लेकिन गठबंधन के बडे नेता मथुरा में कोई बडी रैली नहीं कर सके। यहां तक कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भी आगरा में गठबंधन के बडे नेताओं की रैली हुई जिसमें कु.नरेन्द्र सिंह भी सामिल हुए लेकिन मथुरा में किसी बडी रैली का नहीं होना भी हार के पीछे की वजह माना जा रहा है जिससे कि सपा और बसपा का वोट रालोद को उतना नहीं मिला जितना कि उम्मीद की जा रही थी। 


भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच दिनभर चला जश्न का माहौल।