सरकार को भा गया इको फ्रेंडली शमशान घाट

योजना को अब प्रदेश में लागू करने की तैयारी
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा वृंदावन में ईको फ्रेंडली श्मशान घाट का निर्माण कराया जा रहा है। इस श्मशान घाट में सामान्य लकड़ियों के बजाय गाय के गोबर की लकड़ी प्रयोग में लायी जाएगी। एमवीडीए की इस कार्ययोजना से प्रभावित होकर उप्र शासन ने पूरे प्रदेश में इसी तर्ज पर ईको फ्रेंडली शमशान घाट बनाए जाने के आदेश दिए हैं। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से विकसित किए जाने के उद्देश्य से वृंदावन में केशीघाट के समीप स्थित श्मशान घाट का जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य कराया जाएगा। इस कार्य का शिलान्यास भूमि पूजन  24 नवंबर को कराया गया है। इसमें गाय के गोबर की लकड़ी और सामान्य लकड़ी दोनों का प्रयोग होने का प्रावधान है, लेकिन धीरे-धीरे सामान्य लकड़ी का प्रयोग कम होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह एक अभूतपूर्व कदम की शुरुआत होगी। इस परियोजना का दूसरा पहलू यह भी है कि जो गाय का गोबर वेस्ट होता है, उसको भी लकड़ी बनाने के लिए खरीदा जाएगा, जिससे पशुपालन के रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। वृंदावन में एमवीडीए की इस परियोजना की लागत 3.35 करोड़ रुपये है। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग उप्र शासन नितिन गोकरन की अध्यक्षता में विगत दिनों लखनऊ में आयोजित बैठक में ईको फ्रेंडली श्मशान घाट विकसित करने पर एमवीडीए की सराहना की गई। साथ ही प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को वृंदावन की तरह निर्माण कराने के आदेश दिए गए। आवास एवं शहरी नियोजन के विशेष सचिव एवं अधिशासी निदेशक संजीव सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं।

यह रहेंगी खासियतें-ः
-श्मशान घाट परिसर में नवग्रहों की शांति के लिए ‘नवग्रह वाटिका का निर्माण एवं पौधरोपण
-पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत धुआं, वेस्ट प्रोडेक्ट आदि से निजात
-अंतिम संस्कार मात्र 90 मिनट में पूरे विधि-विधान के साथ सम्पन्न
- पर्यावरण व अन्य समस्त मानकों के साथ-साथ अंतिम संस्कार की विधि-विधान के साथ क्रिया