आतंकवाद को कडा सन्देश देने जायेंगे पाकिस्तान : अमेरिकी विदेश मंत्री पोपियो

दैनिक अग्रभारत

नई दिल्ली, वाशिंगटन (एजेंसी) ।
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पाकिस्‍तानी समकक्ष के साथ वार्ता के लिए सितंबर के पहले सप्‍ताह में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो और ज्‍वाइंड चीफ्स ऑफ स्‍टाफ कमिटी जनरल जोसेफ एफ डनफर्ड के इस्‍लामाबाद जाने की योजना है। संभावना जतायी जा रही है कि पाकिस्तान दौरे पर पोंपियो इस्लामाबाद को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देंगे।

पोंपियो का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पुराने रिश्तों को बहाल करना और अफगान शांति प्रक्रिया में अमेरिकी नेतृत्व वाले कदम पर पाकिस्तान का समर्थन हासिल करना होगा। रक्षा मंत्री मैटिस ने बताया कि पोंपियो व डनफर्ड नवनियुक्त प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मिलेंगे और द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत करेंगे। डॉन के अनुसार, मंगलवार को पेंटागन में न्‍यूज ब्रीफिंग के दौरान मैटिस ने कहा कि अफगानिस्‍तान के संघर्ष में निजी सैन्‍य बल जुड़ सकते हैं और संभवत: अमेरिकी सैनिकों की जगह लेंगे। इस दौरान डनफर्ड ने कहा दक्षिण एशिया में अमेरिका की रुचि रही है और वहां प्रभाव बनाए रखने के लिए अपनी मौजूदगी बरकरार रखना चाहता है।

इसके पहले पोंपियो और इमरान खान के बीच हालिया टेलीफोनिक वार्ता में कहा गया था कि पोंपियो ने आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा की थी और पाकिस्तान में आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। हालांकि पाकिस्तान की तरफ से अमेरिका के इस बयान को खारिज किया गया औऱ कहा गया कि पोंपियो और इमरान खान के बीच टेलीफोनिक वार्ता के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हुई इसलिए अमेरिका अपने बयान में तत्काल सुधार करे।

पोंपियो पहले विदेशी नेता होंगे जो प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान से मिलने के लिए आने वाले हैं। उल्‍लेखनीय है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंध इस साल जनवरी में तल्‍ख हो गए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने झूठ और छल के अलावा उन्हें कुछ नहीं दिया बल्कि आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराया।