20 हजार के इनामी चोर 11 साल बाद आया पकड़ में

-ट्यूबेल से ट्रांसफार्मर चोरी में सह अभियुक्त थे दोनों भाई
-11 साल पहले फरह क्षेत्र में हुई चोरी में आया था दोनों का नाम
 
मथुरा। इसे कहते हैं राजरोग, 11 साल पहले फरह क्षेत्र से चोरी हुए ट्रांसफार्मर की घटना में सामने दो सगे भाईयों के नाम सामने आये थे। राजस्थान के रहने वाले इन दोनों भाईयों का नाम शुरूआत मेें पकड़े गये अभियुक्त ने 12 लोगों में बताया था जिन्होंने ट्रांसफार्मर चोरी किया था। इसके अलावा इनके नाम पर किसी थाने में कोई एफआइआर दर्ज नहीं है और इस एक मामले के अलावा कोई क्रिमिलन रिकार्ड भी नहीं। दोनो भाई खेती किसान करते रहे और पुलिस रिकार्ड में 20 हजार के इनामी चोर बन गये। जब मथुरा पुलिस ने इनमें से एक भाई को धौलपुर के रूपवास से गिरफ्तार किया तो इन्हें पता चला कि राजरोग क्या होता है। अब पकड़ा गया एक भाई पुलिस हिरासत में है 20 हजार का इनामी चोर है। 
चोरी की घटना में फरार चल रहे 20 हजार के इनामी चोर को मथुरा पुलिस ने राजस्थान के रूपवास से 11 साल बाद पकड़ा है। महेंद्र पुत्र अमर सिंह निवासी कुथियाना थाना अम्बाह जिला मुरैना मध्यप्रदेश हाल निवासी विजेन्द्र मैमोरियल डिग्री कॉलेज के पीछे थाना रूपवास जिला भरतुपर राजस्थान को रूपवास से गिरफ्तर किया। 
अभियुक्त महेंद्र 19 अक्टूबर 2007 को फरह में यज्ञदत्त के ट्यूबेल से चोरी हुए 25 केवी के ट्रांसफार्म की घटना में वांछित था। शुरूआत में पकड़े गये अभियुक्त रामऔतार शर्मा पुत्र मुरारी लाल निवासी मुडिक थाना बसेडी जिला धौलपुर ने अपन 12 साथियों के नाम पुलिस को बताये थे। इन 12 लोगों में महेन्द्र और उसका भाई धर्मेन्द्र भी सह अभियुक्त बनाये गये थे। 11 साल से दोनों भाई फरार चल रहे थे। इस बीच पकड़ नहीं आने और कोर्ट में सरेंडर नहीं करने के चलते इन पर पुलिस की ओर से लगतार इनाम बढ़ता चला गया।