सांसद राजवीर सिंह के करीबी बोधपाल पर लटकी नकल कांड में निष्कासन की तलवार

अलीगढ़। सूबे के शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के पिता और एटा के सांसद राजवीर सिंह के नजदीकी बोधपाल सिंह पर भाजपा से निष्कासन की तलवार लटक गई। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाध्यक्ष देवराज सिंह ने हाईकमान को लिख दिया है। इसके पहले कथित नकल कराने के मामले में भाजपा युवा मोर्चा के भुवेन्द्र कुमार वशिष्ठ उर्फ चुनमुन शर्मा के खिलाफ पहले ही हाईकमान को लिखा चुका है। उधर राज्यमंत्री के परिवार के नजदीकी दो नेताओं के नकल कराने के आरोपों में घिरने के बाद भाजपा बैकफुट पर दिखाई दे रही है।अलीगढ़ का अतरौली क्षेत्र सूबे के दो बार मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह का चुनाव क्षेत्र रहा है। अब वहां से कल्याण सिंह के पौत्र एवं सूबे के राज्यमंत्री संदीप सिंह विधायक हैं। नकल के लिए बदनाम अतरौली क्षेत्र में इस बार नकल नहीं करने देने का ऐलान संदीप सिंह ने किया था। उनके पिता और एटा के सांसद राजवीर सिंह भी परीक्षा नकल विहीन कराने के दावे करते रहे हैं। यहां तक कि बीते दिनों उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने दौरा कर किसी भी हालत में नकल न होने की बात कही थी। हैरत की बात तो यह है कि जो लोग नकल कराने के आरोप में घिरे में हैं, उनमें दो लोग सांसद राजवीर सिंह और शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के नजदीकी माने जाते हैं।इनमें पहला नाम हैं जिले के प्रभावी भाजपा नेता बोधपाल सिंह का। वह सांसद राजवीर सिंह के खासे निकट माने जाते हैं। उनके खिलाफ स्टेटिक मजिस्ट्रेट सत्येन्द्र सिंह ने 16 थाना छर्रा में नकल कराने के आरोप में मुकदमा कायम कराया था। आरोप लगाया है कि धांधू लाल इंटर कालेज सिरसा में नकल कराने में सहयोग किया। इस मामले में स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तहरीर पर भाजपा नेता बोधपाल सिंह, उनके भाई राय सिंह और जय प्रकाश और अन्य खिलाफ मुकदमा कायम कराया था। अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। शिक्षा राज्यमंत्री के परिवार के खासे नजदीकी माने जाने वाले बोधपाल सिंह के खिलाफ जिलाध्यक्ष चैधरी देवराज सिंह ने तल्ख तेवर अख्त्यिार किए हैं। उन्होंने हाईकमान से उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी है। इससे बोधपाल सिंह के खिलाफ भाजपा से निष्कासन की तलवार लटक गई है। नकल कराने के आरोपों में फंसे बोधपाल सिंह भाजपा के जिला मंत्री भी रहे हैं।


चुनमुन शर्मा भी हो सकते हैं निष्कासित
नकल कराने के आरोपों में घिरे दूसरे भाजपा के नेता हैं भुवनेन्द्र कुमार वशिष्ठ उर्फ चुनमुन शर्मा। इनके खिलाफ भी तेबथू इंटर कालेज के छात्रों की कापियां घर में साल्वरों से लिखवाने में सहयोग करने के मामले में मुकदमा कायम कराया गया है। चुनमुन शर्मा भाजपा युवा मोर्चा के मिलेनियम वोटर अभियान के जिला संयोजक रहे हैं। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी को पुलिस प्रयास कर रही है। चुनमुन शर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए जिलाध्यक्ष देवराज सिंह ने हाईकमान को लिखा है।
भाजपा नेताओं को दे दी थाने से ही जमानत
एक और जहां छोटे-मोटे मामले के आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर अदालत में पेश करती है, वहीं नकल कराने के आरोप में अभियुक्त बनाए गए सांसद राजवीर सिंह के नजदीकी माने जाने वाले बोधपाल सिंह आदि को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। इंसपेक्टर छर्रा शत्रुध्न उपाध्याय ने बताया कि बोधपाल आदि को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसे लेकर पुलिस की कार्य प्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। उधर बोधपाल सिंह ने कहा है कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा कायम कराया गया है। इसलिए पुलिस ने उसे एक्सपंज कर दिया है। जबकि इंसपेक्टर ने बताया कि तफ्तीश जारी है। भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा एक्सपंज नहीं किया गया है।
बैकफुट पर भाजपा पार्टी के दो नेताओं पर नकल कराने के आरोप में मुकदमा कायम होने के बाद भाजपा फिलहाल बैकफुट पर दिखाई दे रही है। दरअसल अतरौली शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह का चुनाव क्षेत्र है। यहां पर किसी भी हालत में नकल न हो, इसके लिए तमाम आए दिन दावे किए जाते रहे। यहां तक कि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अतरौली के परीक्षा केन्द्रों का दौरा किया था। दावा किया था कि नकल नहीं होगी। लेकिन नकल रुकना तो दूर दो भाजपा नेता ही आरोप में घिरते नजर आ आ रहे हैं। इसे लेकर विपक्षी दावों पर चटखारे ले रहे हैं,जबकि भाजपा नेता अब नकल के मामले पर बगलें झांकते नजर आ रहे हैं।
नकल माफिया पास यूपी बोर्ड की परीक्षा का परिणाम भले ही अप्रैल में आए, लेकिन नकल माफियाओं का परिणाम आ चुका है। अभी तक नकल न थम पाने से साफ है कि वह पास हो गए हैं। यूपी बोर्ड की करीब 70 फीसदी परीक्षा हो चुकी हंै। लेकिन नकल रुकने के दावे थोथे साबित हो रहे हैं। यह अलग बात है कि प्रशासनिक अमला लगातार दौड़ भाग करते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रशासन मुस्तैद है तो फिर नकल कैसे हो रही है। साफ है कि दावे सभी खोखले साबित हो रहे हैं। नकल माफिया नकल कराने में सफल हो रहे हैं।

 

चुनमुन शर्मा को गलत फंसाया
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा नकल के आरोपों में घिरे भुवेन्द्र वशिष्ठ उर्फ चुनमुन शर्मा के पक्ष में उतर आई है। महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि चुनमुन शर्मा घटना के समय सिविल कोर्ट में थे। जिसका सत्यापन कोर्ट में लगे सीसी कैमरों से हो सकता है। यह भी कहा है कि उनका विद्यालय से कोई संबंध नहीं हैं।
नकल विहीन परीक्षा कराने पक्ष में भाजपा सरकार कृत संकल्पित है। ऐसे में जिस कार्यकर्ता पर नकल कराने में सहयोग देने के मामले दर्ज होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोधपाल सिंह और चुनमुन शर्मा के खिलाफ कार्रवाई को लिख दिया गया है।

चैधरी देवराज सिंह,

जिलाध्यक्ष भाजपा।