भ्रष्टाचार मामले में नवाज शरीफ, बेटी और दामाद के साथ कोर्ट में हुए पेश

डिजिटल दैनिक अग्रभारत  

नई दिल्ली,

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए। उनके साथ उनकी बेटी मरियम नवाज और उनके दामाद मोहम्मद सफदर भी थे। ये सभी अपने खिलाफ दर्ज भर्ष्टाचार के मामले में इस्लामाबाद के कोर्ट में पेश हुए थे। डॉन में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, आज के कोर्ट की सुनवाई में अभियोजन पक्ष के पांच गवाह जो अपना बयान दर्ज करवाने आए हैं उन्हें नवाज के वकील ख्वाजा हरीस के सवालों का भी जवाब देना है।

भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात

इस मामले में इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। जहां पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता नवाज के समर्थक और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी भारी संख्या में जुटे हुए थे। बता दें कि 28 जुलाई को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यीय खंडपीठ ने नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) को नवाज और उनके बच्चों के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में केस दर्ज करने का आदेश दिया था। इन दर्ज मामलों में अल-अजीजिया स्टील मिल्स, फ्लैगशिप निवेश सहित अन्य अपतटीय निवेश और लंदन के एवेनफील्ड संपत्ति को लेकर मामला दर्ज किया गया था।

नवाज 12वीं पेशी तो मरियम की 14वीं

बताया जा रहा है कि यह नवाज की कोर्ट में 12वीं पेशी है वहीं मरियम की 14वीं पेशी जबकि सफदर की 16वीं पेशी है। अल अजीजिया मामले में बाइस सुनवाई, फ्लैगशिप मामले में 19 और एवेनफील्ड मामले की 18 सुनवाई अब तक की जा चुकी है।

पनामा मामले में हुए थे अयोग्य घोषित

शीर्ष अदालत ने पनामा पेपर मामले में शरीफ को संवैधानिक पद के लिए अयोग्य करार दिया था और एनएबी को शरीफ और उनके पारिवारिक सदस्यों पर भ्रष्टाचार के मुकदमे दायर करने का आदेश दिया था। हालांकि शरीफ परिवार का कहना है कि ये मुकदमे राजनीति से प्रेरित हैं। 

आपको बता दें कि पनामा पेपर्स लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद शरीफ को प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। उन पर भ्रष्‍टाचार के कई मामले चल रहे हैं। उनके परिवार के सदस्‍य भी इनमें फंसे हुए हैं, जिनमें उनकी बेटी मरियम और दामाद भी शामिल हैं।

इस बीच, एक अन्‍य भ्रष्‍टाचार के मामले में भी शरीफ और उनके भाई के खिलाफ मुकदमा चलाने को मंजूरी दे दी गई है। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) अध्यक्ष जावेद इकबाल ने कार्यकारी बोर्ड की बैठक के दौरान यह मंजूरी दी। एनएबी अधिकारियों ने बताया कि यह मामला वर्ष 2000 में रायविंद से शरीफ के गृह नगर जटी उमरा तक सड़क के निर्माण कार्य के कारण राजकोष को हुए 12 करोड़ रुपये के कथित नुकसान से संबंधित है।

ये सभी अपने खिलाफ दर्ज भर्ष्टाचार के मामले में इस्लामाबाद के कोर्ट में पेश हुए थे। डॉन में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, आज के कोर्ट की सुनवाई में अभियोजन पक्ष के पांच गवाह जो अपना बयान दर्ज करवाने आए हैं उन्हें नवाज के वकील ख्वाजा हरीस के सवालों का भी जवाब देना है।