पाकिस्तान की सरकार ने सईद को 24 नवंबर को नजरबंदी से रिहा कर दिया

दैनिक अग्रभारत 

26/11 को हुए मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड और पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद अगले साल 2018 में होने वाले पाकिस्तान के आम चुनावों में चुनाव लड़ेगा। इसके लिए उसने लाहौर में अपनी पार्टी मिली मुस्लिम लीग (एमएमएल) का दफ्तर खोला है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान सरकार ने राजनीतिक दल के तौर पर इस समूह के पंजीयन की मांग करने वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि यह समूह राजनीति में हिंसा और अतिवाद को बढ़ावा देगा।

सईद ने लाहौर की नेशनल एसेंबली-120 क्षेत्र में कार्यालय का उद्घाटन रविवार (24 दिसंबर) को किया। सितंबर में जेयूडी का एक सदस्य यहां से उप चुनाव में खड़ा हुआ था। एमएमएल का राजनीतिक दल के तौर पर पंजीयन करने से गृह मंत्रालय के इनकार के बावजूद सईद राजनीतिक शुरुआत करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। पाकिस्तान का गृह मंत्रालय स्पष्ट कर चुका है कि जिहादी गठबंधनों को मुख्यधारा में आने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इस बीच हाफिज सईद ने पुष्टि की है कि एमएमएल के बैनर तले उसका संगठन जमात उद दावा (जेयूडी) वर्ष 2018 के आम चुनाव में उतरेगा। सरकार के मुताबिक एमएमएल प्रतिबंधित लश्कर ए तैयबा और जमात-उद दावा (जेयूडी) की ही शाखा है। चुनाव आयोग ने अक्तूबर माह में राजनीतिक दल के तौर पर समूह का पंजीयन करने से इनकार कर दिया था, इस आदेश को एमएमएल ने चुनौती दी थी।

लाहौर में राजनीतिक कार्यालय खोलना बताता है कि सईद की राजनीति में उतरने की महत्वाकांक्षी योजना है। आतंकी गतिविधियों में भूमिका के लिए अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम घोषित किया है। पाकिस्तान की सरकार ने सईद को 24 नवंबर को नजरबंदी से रिहा कर दिया था। उससे पहले वो लंबे समय तक नजरबंद था। बता दें कि जमात-उद दावा से जुड़े आतंकियों ने ही मुंबई में 26 नवंबर 2008 को सिलसिलेवार धमारे किए थे जिसमें 166 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। भारत लगातार हाफिज सईद को सौंपने की मांग करता रहा है।