पाकिस्तान ने जाधव मामले में आइसीजे में जवाब दाखिल करने को कहा

 दैनिक अग्रभारत, नई दिल्ली भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव (46) को पिछले साल मार्च में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था। पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने उन्हें जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के लिए मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने जाधव का ईरान से अपहरण किया था। आइसीजे ने पाकिस्तान को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 13 दिसंबर तक का समय दिया था ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

सूत्रों के मुताबिक, अटॉर्नी जनरल अश्तर औसाफ अली ने शुक्रवार को कानूनी विशेषज्ञों, विदेश मंत्रालय और संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी। इसमें आइसीजे में बहस के बिंदुओं पर चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया, 'हम अपने रुख का जोरदारी से बचाव करेंगे जो इस तथ्य पर आधारित है कि जाधव भारतीय जासूस है जिसे पाकिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भेजा गया था।'

इस बीच, औसाफ ने 'डॉन' अखबार को बताया कि स्थिति की लगातार समीक्षा और पाकिस्तानी रुख को अंतिम रूप देने के लिए उन्होंने साप्ताहिक बैठकें आयोजित करने का फैसला किया है। वह खाबर कुरैशी समेत सभी पक्षों के संपर्क में हैं ताकि पाकिस्तान के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों का ठोस जवाब दिया जा सके। खाबर कुरैशी ने ही शुरुआती दौर में आइसीजे में पाकिस्तान का पक्ष रखा था। अखबार के मुताबिक, अटॉर्नी जनरल कार्यालय मामले के दस्तावेज तैयार करने और जम्मू-कश्मीर में भारत द्वारा किए जा रहे अत्याचारों और मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं का ब्योरा इकट्ठा करने में व्यस्त है।

गुरुवार को पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफ्फूर ने कहा था कि कुलभूषण जाधव की दया याचिका सेना प्रमुख के पास पहुंच गई है। यह एक प्रक्रिया है और इस पर अंतिम फैसला होने ही वाला है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने 10 अप्रैल को जाधव की मौत की सजा की पुष्टि की थी। जिसके बाद उसने दया अपील दाखिल की थी। इस मामले में भारत ने 18 मई को आइसीजे में याचिका दाखिल की थी। लिहाजा, पाकिस्तान को फैसला आने तक सजा पर रोक लगानी पड़ी।