सत्ता का जादूः कोतवाली से सड़क तक हुई ’मुर्दाबाद’, मूकदर्शक रही पुलिस

-युवकों ने जमकर काटा हांगामा, चैराहे पर लगाया जाम
-दोपहर तक जिला चिकित्सालय बन गया राजनीतिक का अखाडा
-महानगर अध्यक्ष पूरी कोतवाली को सस्पेंड कराने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे

 


मथुरा। मथुरा पुलिस को हाल के वर्षों में इतना लाचार नहीं देखा गया। शनिवार को वृंदावन कोतवाली से लेकर सडक के चैराहे तक पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सत्ता की जमकर धमक दिखाई। जिला पुलिस प्रशासन के मामले को सम्हालने मंे पूरे दिन पसीना छूटते रहे। इस बीच कुछ युवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता भी कर डाली। पुलिस के ही स्टाॅपर लगा कर सडक जाम कर दी। जिला संयुक्त चिकित्सालय और कोतवाली पर जमकर हंगामा काटा। महिला कार्यकर्ताओं भी कई बार उग्र हुईं। जिन्हें सम्हालने के लिए महिला पुलिस बल को आगे आना पडा। पूरे दिन जिला पुलिस प्रशासन हलकान रहा।
 घटनाक्रम में कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक क्षेत्र में बने देवराहा बाबा घाट पर शनिवार को यमुना स्नान करते समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वृंदावन के जिला प्रचारक मनोज कुमार और उनके साथियों का यमुना में ही स्नान कर रहे थे। यहीं किसी बात को लेकर पुलिस के साथ उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरएसएस पदाधिकारी के साथ अभद्रता कर दी। पहले आरएसएस कार्यकर्ताओं को कुंभक्षेत्र में पुलिस चैकी पर ले जाया गया यहां से कोतवाली लेकर आये। कुछ ही देर में वृंदावन कोतवाली पर भाजपा जिलाध्यक्ष मंजू शर्मा, महानगर विनोद अग्रवाल के नेतृत्व में संघ के स्वयंसेवक, विहिप कार्यकर्ता सहित हिन्दूवादी संगठनों के लोग कोतवाली में जमा हो गए और आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा काटा।
 कोतवाली से मनोज कुमार को मेडिकल परीक्षण कराने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां फिर भाजपाइयों ने हंगामा किया इस पर पुलिस ने भी कुछ सख्ती दिखाई। मौके पर एसपी सिटी एमपी सिंह भी पहुंच गए हैं। भाजपाई आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गये। वृंदावन कोतवाली में मनोज कुमार आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दे दी थी। हालांकि मामला सत्ताधारी दल के आनुसांगिक संगठनों और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुडा होने के चलते पुलिस के लिए परेशानी का शबब बना रहा। अधिकारी पूरे मामले पर कुछ भी साफसाफ बोलने से बचते रहे। खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन मामले का किसी तरह से शांत करने के प्रयास में लगा था, वहीं भाजपाईयों की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

अनशन पर बैठे विधायक, जिलाध्यक्ष...!
सुबह के समय हुई घटना के बाद दोपहर तक भाजपाईयों का जमघटन लग गया था। जिला संयुक्त चिकित्सालय वृंदावन में पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई तनातनी के बाद विधायक पूरन प्रकाश, जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, महानगर अध्यक्ष विनोद अग्रवाल अनशन पर बैठ गये। महानगर अध्यक्ष चाहते थे कि पूरी कोतवाली का सस्पेंड किया जाये। जिन पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप था उन्हें अस्पताल लाया गया। भाजपा नेताओं की ओर से लगातार आंखें तितेरी जा रही थीं।

महिला कार्यकर्ताओं ने सम्हाला मोर्चा
मामले को तूल पकडता देख महिला कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा सम्हाल लिया था। कई बार महिलाएं पुलिसकर्मियों पर हाथ उठाती दिखीं। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने महिला कार्यकर्ताओं को रोका और पुरूष पुलिस कर्मियों को पीछे कर दिया। संयुक्त जिला चिकित्सालय में कई बार इस तरह के हालात बने।  

कोतवाली और अस्पताल पर भारी पुलिस बल रहा तैनात
भाजपाईयों की ओर से लगातार बढ रहे दबाव और हंगामे की संभावना को देखते हुए वृंदावन कोतवाली और संयुक्त जिला चिकित्सालय पर पुलिस अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। दूसरी ओर आरएसएस पदाधिकारी से जुडा मामला होने के चलते भाजपाई किसी भी तरह से इस मामले में पीछे रहना नहीं चाहते थे।

वर्जन
संघ के पदाधिकारी के साथ पुलिसकर्मियों ने जो अभद्रता की है। उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस से मारपीट करने वाले संगठन के कार्यकर्ता नहीं है। वह कोई और लोग हो सकते हैं।
-मधु शर्मा, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी