प्रदेश में इस वर्ष प्रथम माह में शून्य हुई जेई, एईएस से मृत्यु

डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार और मलेरिया पर भी मिली विजय


लखनऊ। विगत चार वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सम्बंधी चुनौतियों के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया। इन्हीं में एक्यूट एन्सीफेलाइटिस सिंड्रोम, जापानी एन्सीफ्लाइटिस, दिमागी बुखार व अन्य वेक्टर जनित रोग जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार और मलेरिया जैसे वेक्टर जनित रोग पर नियंत्रण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में जे0ई0 और ए0ई0एस0 पर सफल नियंत्रण हो सका है।

यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी0 हेकाली झिमोमी ने अवगत कराया है कि प्रदेश में इस वर्ष 01 जनवरी से 01 फरवरी, 2021 में डेंगू, इन्फ्लुएन्जा ए एच1एन1, चिकनगुनिया, कालाजार तथा मलेरिया रोगों से होने वाली मृत्यु दर शून्य रही है। उन्होंने बताया कि डेंगू के 39 रोगी तथा कालाजार का मात्र 01 रोगी होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई लेकिन किसी की मृत्यु नहीं हुई। सुश्री झिमोमी ने अवगत कराया है कि इन रोगों पर वर्ष 2020 में ही सफल नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में डेंगू के 13 रोगी सूचित हुए थे तथा इन्फ्लुएन्जा एएच1एन1 के 12 रोगी सूचित हुए थे जिनमें एन्फ्लुएन्जा के 02 रोगियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई जबकि अन्य संक्रामक रोगों की मृत्यु दर शून्य रही। प्रमुख सचिव ने जानकारी दी कि ए0ई0एस0 तथा जे0ई0 रोगियों में प्रभावी कमी तथा रोग मृत्यु दर में कमी के सम्बंध में प्रदेश सरकार द्वारा किये गये कार्यों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।

प्रदेश सरकार द्वारा जनपदों में जनपद एवं ब्लाक स्तर पर ए0ई0एस0 रोग के उपचार हेतु प्राइमरी इन्टेन्सिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) मिनी पी0आई0सी0यू0 एवं ई0टी0सी0 स्थापित किये गये, जिसके फलस्वरूप न केवल रोगियों की संख्या में कमी आई। अपितु इन रोगों से होने वाली मृत्यु पर नियंत्रण किया जा सका है।