हम होंगे कामयाबः ’खेत खेते’ घूमे डीएम, ग्रामीण ने इस बार नहीं जलाई पराली

-सेटेलाइट ने पकडी सात जगह पराली जलाने की घटनाएं
-पिछले साल प्रदेश में सबसे ज्यादा हुई थीं मथुरा जनपद में पराली जलाने की घटनाएं
-मथुरा में 5500 हेक्टेअर में हुई थी धान की रोपाई, औसत रकवा 5000 हैक्टेयर है


मथुरा। इसे ग्रामीणों की जागरूकता कहें कि जिला प्रशासन की सख्ती मथुरा जनपद में किसानों ने पराली नहीं जलाई है। एक से 12 अक्टूबर तक मथुरा जनपद में पराली जलाने की सात घटनाएं सेटेलाइट ने पकडीं। जबकि विगत वर्ष प्र्रदेशभर में मथुरा जनपद के किसान पराली जलाने के मामले मंे सबसे आगे रहे थे। मथुरा जनपद में पराली जलाने की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई थीं। इसे एनजीटी ने भी संज्ञान में लिया था। इस बार जिला प्रशासन ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए पूरा दम लगा दिया। राजस्व विभाग से लेकर पुलिस और ग्राम प्रधानों तक की जिम्मेदारी तय कर दी। एसडीएम से लेकर जनप्रतिनिधियांे तक को खाली नहीं छोडा गया। इस का परिणाम यह हुआ कि एक से 12 अक्टूबर तक सिर्फ सात घटनाएं जनपद मंे पराली जलाने की सेटेलाइट पकड सका। पराली की समस्या से निपटने के लिए किसानांे को रजवाहों में पानी उपलब्ध कराने के निर्देश डीएम की ओर से दिये गये थे जिससे कि किसान पराली को गाल सकें। कृषि उपनिदेशक धुरेंद्र कुमार के मुताबिक नियम फसल अवशेष जलाने पर दण्डात्मक कार्रवाही का है। प्रदूषण रोकथाम क लिए यह सब किया जा रहा है। क्यों कि पराली ही असल में ज्यादा जलाई जाती है इस लिए पराली का प्रचार प्रसार ज्यादा किया गया है। दूसरी फसलों के अवशेष इतने नहीं जलाये जा सकते, लेकिन पकड मंे आते हैं तो कार्रवाही होगी।  कृषि उपनिदेशक धुरेंद्र कुमार के मुताबिक इस बार जनपद में करीब 5500 हैक्टेअर धान की रोपाई हुई थी जबकि धान की औसत रोपाई का क्षेत्रफल जनपद में 5000 हैक्टेअर है।

गोशाला का भर रहा भंडार, भूसे के दामों में आई कमी
मथुरा में सैकड़ों गोशाला हैं। धान का रकबा भी व्यापक है। यहां पराली को गोशाला में पहुंचाया जा रहा है। इस का दूसरा लाभ पशुपालकों को मिल रहा है। पराली जलाने की ज्यादातर घटनाएं छाता क्षेत्र में होती रही हैं। कुछ क्षेत्रों में इसे पहले से ही पशुआंे के लिए सूखे चारे के रूप में प्रयोग में लाया जाता रहा है। गोशालाओं में पराली पहुंचने गोशालाएं  भूसा और करब की खरीददारी नहीं कर रही हैं। इससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

मथुरा में पराली बैंक, लगे पराली के पहाड़
मथुरा में प्रशासन ने पराली बैंक बनाने शुरू कर दिए हैं। गांव-गांव से पराली उठवाकर बैंक तक पहुंचाए जा रहे हैं। गोवर्धन क्षेत्र में ही पराली के पहाड़ लग चुके हैं।

जिलाधिकारी ने किसानों के साथ उठाये पराली के बण्डल
खुद जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र खेतों में  काम कर रहे  किसानांे तक  पहुंचे ओर पराली के बंउल उठाये। 13 अक्टूबर कोे डीएम ने तहसील गोवर्धन के अन्तर्गत ग्राम राधाकुण्ड, नीमगांव, कुंजेरा, पाली, भरनाकलां आदि गांव का निरीक्षण करके पराली प्रबंधन की व्यवस्था को देखा।