रूसी एस-400 के रडार से एफ-16 को ढूंढ रहा तुर्की, बौखलाए अमेरिका ने दी प्रतिबंध की धमकी

वॉशिंगटन । तुर्की और अमेरिका के बीच जारी तनाव में रूस की एंट्री होने से मामला और गरम हो गया है। कुछ दिन पहले ही ऐसी रिपोर्ट्स आई थी कि तुर्की की सेना ने रूस के एस-400 डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया है। टर्किश फोर्स इस रूसी डिफेंस सिस्टम के रडार का उपयोग एफ-16 फाइटर जेट का पता लगाने के लिए कर रही है।
इसी बात को लेकर अमेरिका के दो सीनेटरों ने भी तुर्की के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग की है। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस वान होलेन और रिपब्लिकन सीनेटर जेम्स मैनकफोर्ड ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को लिखे पत्र में कहा है कि तुर्की ने रूस से खरीदे गए एच-400 एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम के रडार को सक्रिय कर दिया है। इस रडार के जरिए वह नाटो के यूनुमिया मिलिट्री एक्सरसाइड में शामिल फ्रांस, इटली, ग्रीस और साइप्रस के एफ-16 जहाजों को ट्रैक करने की कोशिश कर रहा है।
इसलिए अमेरिकी कानून के अनुसार तुर्की पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। बता दें कि तुर्की के पास भी अमेरिका से खरीदा हुआ एफ-16 फाइटर जेट है। जिसमें तुर्की ने अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव कर इसे एफ-16एस का नाम दिया है। इन दिनों तुर्की और अमेरिका के संबंध ठीक नहीं चल रहे। बस इसी बात का बदला लेने के लिए वह रूसी हथियारों का प्रयोग अमेरिकी हथियारों के खिलाफ कर रहा है। अमेरिका ने पहले भी तुर्की पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, जिसके कारण उसकी अर्थव्यवस्था बर्बादी के कगार पर खड़ी है।