अयोध्या तो झांकी है, मथुरा, काशी बाकी है...

काशी विद्वतपरिषद शाखा ब्रज मंडल की बैठक में दिया गया नारा

मथुरा। अयोध्या तो झांकी है, मथुरा, काशी बाकी है...। शीघ्र ही ब्रज मंडल में भारत वर्ष के संतों के साथ समागम किया जाएगा। जिसमें मथुरा और काशी के मंदिरों को मुक्त कराने का संकल्प लिया जाएगा। काशी विद्वतपरिषद शाखा ब्रज मंडल के बैनर तेल हुई साधु संतों की बैॅठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में मंदिरों पर कब्जे खत्म कराने और तीर्थ स्थलों को आक्रांताओं के चिन्हों से मुक्त कराने की रणनीति तैयार किये जाने को लेकर चर्चा हुई।
महामंडलेश्व नवल गिरी महाराज ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ महापुरूष हैं। इनके सानिध्य में सनातन धर्म सुरक्षित है। हमें दोनों के हाथ मजबूत करने चाहिए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर चर्चा कर दूसरे पक्षको मंदिर की जमीन से कब्जा छोडना चाहिए। डा.मनोज शास्त्री ने कहाकि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान और काशी विश्वनाथ को लेकर भी हम सबको विचार करना चाहिए। यहां भी भव्य मंदिरों का निर्माण होना चाहिए। आनंद बल्ल गोस्वामी ने कहाकि अभी प्रदेश और कंद्र में भाजपा की सरकार है, मंदिर निर्माण के प्रयास किये जाने चाहिए। विमल चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहाकि राम जन्मभूमि से शुरूआत हुई है आगे सभी मंदिरों का संरक्षण होगा। काष्र्णि नागेन्द्र महाराज ने कहा कि कोर्ट में याचिका दायर की गई है। हम समस्त धर्म आचार्य, साधु संत और ब्रजवासियों का पूर्ण समर्थन है। एक मुहिम चलानी चाहिए जिसके जरिये काशी विश्वनाथ और मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण हो। इस दौरान नारा दिया गया कि अयोध्या तो झांकी है, मथुरा, काशी बाकी है।