कॉल टर्मिनेट शुल्क को दोगुना करने के लिए दबाव बना रही हैं प्रमुख दूरसंचार कंपनियां

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) भारती एयरटेल और आइडिया सेल्युलर जैसी प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने इंटरकनेक्शन उपयोगकर्ता शुल्क :आईयूसी: को दोगुना करने की मांग की है। यह मोबाइल काल के शुल्कों को प्रभावित कर सकता है। इन कंपनियों का कहना है कि उनके नेटवर्क पर दूसरे नेटवर्क से आने वाली कॉल्स को पूरा कराने की लागत 30 पैसे प्रति मिनट बैठती है।

एक अन्य दूरसंचार कंपनी वोडाफोन का कहना है कि उसके नेटवर्क पर आईयूसी 34 पैसे प्रति मिनट बैठती है जो आईयूसी की मौजूदा दर का दोगुना है। दूरसंचार दरें तय करते समय इस शुल्क को भी देखा जाता है।

दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों ने आईयूसी पर कार्यशाला में कॉल टर्मिनेशन शुल्क में बढ़ोतरी की मांग दोहराई। इस कार्यशाला का आयोजन भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण :ट्राई: ने किया था। एक अधिकारी ने कार्यशाला के मौके पर संवाददाताओं से अलग से बातचीत में कहा, ‘‘एयरटेल ने कहा है कि इनकमिंग कॉल को पूरा करने की लागत 30 पैसे बैठती है, ऐसे में आईयूसी बढ़ाया जाना चाहिए जिससे वे अपनी लागत निकाल सकें।’’ दूरसंचार आपरेटरों को अन्य आपरेटर के नेटवर्क से प्रत्येक इनकमिंग कॉल के लिए इंटरकनेक्शन शुल्क मिलता है। यह मोबाइल ग्राहकों द्वारा अदा की जाने वाली कॉल दरों में शामिल होता है।

आईयूसी ट्राई द्वारा तय किया जाता है। फिलहाल प्रत्येक इनकमिंग कॉल पर 14 पैसे प्रति मिनट का आईयूसी लगता है। एक अधिकारी ने बताया कि वोडाफोन ने कहा है कि उसे अपने नेटवर्क पर इनकमिंग कॉल को पूरा करने की लागत 30 पैसे बैठती है। इसमें लाइसेंस शुल्क शामिल नहीं है। लाइसेंस शुल्क को शामिल करने के बाद यह 34 पैसे प्रति मिनट बैठती है।