आगरा के इस व्यापारी ने होली पर गोवा में की अय्याशी, किराने की दलाली करने वाले भी रहे शामिल

पांच दोस्तों को साथ को लेकर तीन दिन के टूर पर गया था जीएसटी चोर

एम डी खान 


आगरा। मोमबत्ती के कारनामों का खुलासा हुआ तो वह होली से दो दिन पहले शहर छोड़कर गोवा भाग गया। उसके साथ बाजार में दलाली करने वाले चार युवक और भी गये। वहां सभी ने मिलकर जमकर अय्याशी की है, हालांकि होली के दूसरे दिन वह लौटकर आ गये। उसके द्वारा बनाये जा रहे फर्जी ईवे-बिल की खबर अखबार में छपी देख बाजार में कोहराम मचा हुआ है। मोमबत्ती के बाजार में पहुंचते ही व्यापारियों ने उसे घेर लिया। व्यापारियों को डर है कि कहीं जीएसटी चोरी के मामले में विभाग शिकंजा न कस दे, हालांकि इस पर मोमबत्ती ने सभी व्यापारियों को अश्वासन दिया है कि सबकुछ मैनेज हो गया है, डरने की बात नहीं है, किसी का बाल भी बांका नहीं होगा। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि सरकार की चोरी करने वाले की हिम्मत तो देखो सीना तानकर बाजार में बैठा है, इससे तो साफ होता है कि विभाग द्वारा मोमबत्ती को फर्जी ईवे-बिल बनाने की मूकसहमति मिली हुई है। गोवा से लौटने के बाद स्क्रैप आदि के बिल छोड़ सिर्फ घी, मक्खन के बिल काट रहा है।

नामचीन मसाला वालों का है रिश्तेदार
कमला नगर का जैन जो जीएसटी चोर मोमबत्ती के लिए हुंड्डी व बिल लेने वाले कस्टूमर को लाता है। जैन शहर के सबसे नामचीन मसाले वालों का रिश्तेदार है। बतादें कि मसाले की फ्रांचाइजी लेने के लिए शिफारिशें लगवानी पड़ती हैं। उनके दम पर ही दलाल जैन का बाजार में डंका पुज रहा है। वह जितने भी बिल मोमबत्ती से बनवाता है, उसमें से दो प्रतिशत की दलाली लेता है। इसके अतिरिक्त बाजार में कराना कारोबार पर होने वाली खरीद्दारी पर भी दलाली करता है। वरु..। नाम का व्यक्ति भी किराने की दलाली करता है। यह भी कमला नगर का है, तिवारी गली में गद्दी बना रखी है। ये भी मोमबत्ती से बिल बनवाता है। एक प्रतिशत के हिसाब से प्रतिदिन एक लाख रुपये तक की दलाली कर लेता है। जैन और वरु..। कई जिलों के व्यापारियों के लिए कमीशन खोरी पर माल खरीदते और बेचते हैं। इनके अलावा जीएसटी चोर मोमबत्ती के कारोबार को आगे बढ़ाने में छो...। नाम के व्यापारी का भी पूरा सहयोग है। छो..। का पूरे उत्तर प्रदेश में जीरा सप्लाई का नंबर वन काम है। यह सभी बिल मोमबत्ती से ही बनवाता है।

घी और मक्खन के कट रहे धड़ल्ले से बिल
रावतपाड़ा बाजार से इन दिनों मोमबत्ती घी और मक्खन का बिल काट रहा है। जबकि वह घी और मक्खन की एबीसीडी तक नहीं जानता। उसके पास घी का गोदाम में स्टॉक तो बड़ी बात है कि पांच किग्रा का पीपा मिलना भी मुश्किल है। इसके बावजूद भी वह प्रतिदिन 50 से 60 लाख रुपये के ईवे-बिल बना रहा है। घी, मक्खन पर नौ रुपये प्रति किग्रा के हिसाब से जीएसटी के रूप में भुगतान ले रहा है। ट्रक नहीं घी से भरे कंटेनर कागजों में दिखा रहा है। बाजार में उसके लिए काम करने वाले तीनों चमचे उसकी जी हुजूरी में लगे हुए हैं। जिन लोगों से उसे खतरा है उनकों यही बता रहा है कि बिल बनाने का काम बंद कर दिया है।

किराये की कोठी में रख ली है युवती
मोमबत्ती चार दोस्तों के साथ गोवा गया। वहां दो दिन जमकर अय्याशी की है। वहां से लौटने के बाद बाजार में माहौल गर्म दिखा तो मोमबत्ती ने कमला नगर में एक कोठी किराये पर ले ली है। वह डर की वजह से घर नहीं जा रहा है। उसे अय्याशी का चश्का ऐसा लगा है कि उसके आॅफिस में काम करने आई एक युवती को कोठी पर ही रख लिया है। युवती दिन-रात उसके साथ ही रुक रही है। युवती को साथ में रखा है, इसकी जानकारी मोमबत्ती के परिजनों को नहीं हैं। हालांकि उसकी पत्नी रात में न आने का कारण पूछ रही है, तो वह कह देता है कि काम का लोड अधिक है, आ नहीं पा रहा है। कोठी पर रात में उसके एक-दो दोस्त भी अय्याशी को पहुंच रहे हैं। अखबार में मोमबत्ती की खबर छपी तो मोमबत्ती का एक आका जो प्रशासनिक अधिकारियों में अच्छी पकड़ रखता है, वह उससे कन्नी काटने लगा है।