फर्जीवाड़ा: जीएसटी विभाग की रडार पर आया आगरा का तथाकथित नटवरलाल व्यापारी

आगरा। आगरा के रावतपाड़ा स्थित मोमबत्ती का कारोबारी जी एस टी विभाग की रडार पर है। उक्त व्यापारी कई फर्जी कंपनियों और उसके बिलों के आधार पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की करोड़ों  रुपयों की चोरी कर कुछ ही वक़्त में फर्श से अर्श पर पहुंच गया है। कस्टम-सेंट्रल एक्साइज एवम जीएसटी ( सीजीएसटी ) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है । 

लगभग 500 करोड़ से ज्यादा की चोरी का आंकलन
सूत्रों के अनुसार लगभग 500 करोड़ से ज्यादा की चोरी का आंकलन किया जा चुका है हालांकि विस्तृत जांच पड़ताल के बाद यह रकम और ज्यादा बढ़ सकती है। उक्त कारोबारी फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रुपए का इनपुट के्रडिट टैक्स बचा रहा हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग को शिकायत मिली थी कि रावत पाड़ा स्थित मोमबत्ती का काम करने वाला मो… अपने कई साथियों के साथ संगठित गिरोह बनाकर फर्जी कंपनियों से फर्जी बिल बनवाकर सीजीएसटी में छूट ले रहा है।

फर्जी कंपनियां खड़ी कर बनवा लेते हैं बिल
 इसमें व्यापारी मो… की फर्जी कंपनियों से माल का बिल बनवा लेते हैं। फिर रिटर्न में इन बिलों को जिक्र कर इनपुट के्रडिट में छूट हासिल कर लेते हैं। जबकि वास्तव में कारोबारी यह माल कागजों पर लेते हैं। इसी फर्जीवाड़े के लिए मो… ने कई फर्जी कंपनियां भी खड़ी कर दी है जो फर्जी बिल बनाने का काम कर रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, सीजीएसटी जल्द इस मामले में बड़ी कार्यवाही करने जा रहा है ।

 4 साल में कई सौ करोड़ का व्यापर किया
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार मो… के पास जैसे ही कोई डिमांड आती, वह बताए सामान के फर्जी बिल बनाकर कागजों में माल की सप्लाई दिखाता और बाद में इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर लेता है। दस्तावेजों की जांच में इस बात की पुष्टि हो जाएगी मो… ने कभी कोई सामान खरीदा-बेचा ही नहीं था। केवल बिल जारी कर विभिन्न व्यापारियों के साथ पिछले लगभग 4 साल से कई सौ करोड़ो का व्यापर किया । इसमें मो… ने करोड़ो रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट ले लिया।

माल खरीदा नहीं, काट दिए करोड़ों के बिल
इस गोरखधंधे में वस्तुओं की खरीद के फर्जी बिल काटे जा रहे है ताकि वे उसके अधार इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकें जबकि उन्हें  हकीकत में  माल प्राप्त नहीं किया होता है। खरीदारों को फर्जी बिल जारी किए है। बिना कोई वस्तु लिये धोखाधड़ी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा कर सरकार को चपत लगाई गई है।