आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया आगरा का सटोरिया क्रिकेट बुकी नवनीत

मामा मसाले के बाद नामचीन वैद्य सट्टेबाज पर हो रही शिकंजा कसने की तैयारी

अग्र भारत ब्यूरो


आगरा। कहावत है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, पिछले कई माह से पुलिस को चकमा दे रहा क्रिकेट मैच का बुकी नवनीत आखिरकार गुरूवार रात पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। पुलिस ने उस पर जुआ, सट्टा अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। लोहामंडी इससे पहले कई सटोरियों को जेल भेज चुकी है। पुलिस  अभी कई सटोरियों पर आईपीएल से पहले कार्रवाई कर शिकंजा कसने की तैयारी में लगी है।

गौरतलब है कि लोहामंडी के नौबस्ता कुशवाह गली निवासी नवनीत भार्गव उर्फ मामा मसाले पुत्र रामकिशोर भार्गव की तलाश में लोहामंडी पुलिस पिछले कई माह से लगी हुई थी। नवनीत क्षेत्र में मामा मसाले के नाम से प्रसिद्ध है। हाल ही उसने पश्चिमपुरी में कोल्डरिंग की एंजेसी ली है। एंजेसी पर उसके पिता रामकिशोर बैठते हैं। नवनीत हाल में भी अपने जुआ, सट्टे के धंधे में लिप्त था। दिखावे के लिए कोल्डरिंग की एंजेसी ले थी। गुरूवार रात लोहामंडी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 18400 रुपये और सट्टे की पर्ची मिली है। उसके आधार पर नवनीत के खिलाफ अपराध संख्या 38/2020 धारा 13जी एक्ट में मुकदमा दर्जकर कानूनी कार्रवाई की है।

सिपाहियों ने दिया वीआईपी ट्रीटमेंट
सूत्रों के मुताबिक नवनीत के गिरफ्तार होते ही कई जुआरी, सटोेरी बचाने के लिए सक्रिय हो गये। लोहामंडी क्षेत्र का ही निक्की नाम का सटोरिया थाने पहुंच गया। उसने सिपाहियों से कहकर उसे हवालात व मुंशी आॅफिस हटाकर कंप्यूटर रूम में बिठा दिया। कंप्यूटर रूम में बैठा एक सिपाही नवनीत की खातिरदारी में लगा रहा। सिपाही निक्की सटोरिये के संपर्क में है। बतादें कि निक्की दिल्ली दिशावर सट्टे का माफिया है। नवनीत पूर्व में कई बार तत्कालीन चौकी इंचार्ज को चकमा देकर बचा हुआ था। नवनीत भार्गव के काम में बराबर का हिस्सेदार प्रतापनगर निवासी ...सिंघल और...चौपड़ा है।  इसका एक साथी आकाश जुआ में पहले जेल जा चुका है। नवनीत भार्गव व सिंघल घटिया निवासी रवि के साथ मिलकर बुक चला रहे थे।

वैद्य, चौपड़ा और सिंघल हैं टारगेट
क्षेत्र में होमोपैथिक वैद्य आगरा के सबसे पुराने सटोरियों में गिना जाता है। यह सफेदपोश पुलिस पकड़ से बचा हुआ है। इसकी देखरेख में अबतक 500 से अधिक युवा क्रिकैट मैच सट्टे के दलदल में फंस चुके हैं। वैद्य ने थाना हरीपर्वत क्षेत्र के शाह मार्केट के पीछे शानदार कोठी बनाई हुई है। तमाम खिलाड़ी तो ऐसे हैं, जो मरीज बनकर उसके पास पहुंचते हैं। होमोपैथिक एक ऐसी दवा है, जो हरेक मर्ज में काम करती है। फिलहाल यह भी पुलिस के निशाने पर है। पिछले दिनों वैद्य की खबर अखबार में छपी तो वह सीओ हरीपर्वत के पास पहुंचा था। सीओ को उसने बताया कि वह इस तरह के काम नहीं करता है, जबकि सट्टे से जुड़े लोगों का दावा है कि पुलिस इसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल ले, दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा।