सट्टेबाज: कालिया की बुक पर 1 करोड़ जीता था छक्कू, पुलिस से बचने के लिए दिये थे तीन लाख

शाहगंज के मर्डरकांड में आरोपी रह चुका है सटोरिया


आगरा। नामचीन सटोरियों के नाम तो लिस्ट में भी टॉप पर हैं और पुलिस अधिकारियों की निगाह में भी अब्वल हैं, उसी लिस्ट के छोटे-छोटे कई सटोरी धीरे-धीरे बड़ों की जगह लेने में लगे हुए हैं। वहीं यह सटोरी नये युवकों को हाईफाई वाली लाइफ स्टायल जीने का लालच दिखाकर उन्हे अपने पेशे से जोड़ रहे हैं। वह दिन-दूनी और रात चौगुनी वाली कहावत के आधार पर बढ़ रहे हैं। पुलिस इन पर कार्रवाई करने की जगह वसूली कर क्षमादान देने में जुटी हुई है। ऐसे कई सटोरिया हैं, जो आज भी जुआ, सट्टा और बुक का संचालन कर रहे हैं। कैलाशपुरी क्षेत्र का सटोरिया कुछ साल पहले किराये पर रहता था आज करोड़ रुपये और लग्जरी गाड़ी में चलता है। दिखावे को चप्पल की ट्रैडिंग करता है। सूत्रों के मुताबिक सटोरी संजय कालिया ने पुलिस पूछताछ में छक्कू द्वारा एक करोड़ रुपये आईपीएल में जीतने की बात कही थी।

जिले में रहने वाले सेवानिवृत अधिकारी से अग्र भारत की बात हुई तो उन्होंने कहां कि आपका अखबार जुआरी, सटोरियों के समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। इस तरह के समाचार में आरोप-प्रत्यारोप लगते हैं, लेकिन सच को सच और झूठ को झूठ कहने में हिचकना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ सालों की बात करें तो शहर में पुलिस और नेताओं को जुआरी, सटोरिये चला रहे थे। थाना से लेकर आलाधिकारियों के ऑफिस में बुकी देखे जा सकते थे। अधिकारियों की मजबूरी थी कि वह जानकर भी अनजान बने हुए थे इसकी सबसे अहम वजह उनके साथ खड़े सफेदपोश नेता थे। नेताओं की बगल में कोई न कोई सट्टेबाज छिपा हुआ था। आईजी ए सतीश गणेश, एसएसपी बबलू कुमार ने सराहनीय काम किया है। तत्कालीन एसएसपी द्वारा जारी की लिस्ट को जिंदाकर एक अभियान के तहत सटोरियों की कमर तोड़ दी है। सटोेरिये शहर छोड़ गये हैं या फिर घरों में नहीं रहते हैं। इस तरह की पूर्व में कभी कार्रवाई नहीं हो सकी है। हालांकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि जो सटोरी शहर छोड़ गये हैं अब उनकी जगह नये और उनके गुर्गो ने ले ली हैं। पुलिस उनसे सुविधा शुल्क लेकर क्षमादान दिये हुए है।

संजय कालिया डायरी नहीं हुई ओपन
सिकंदरा पश्चिमपुरी निवासी संजय कालिया पर कार्रवाई हुई तो अखबारों में सुर्खियां बनी थी कि उससे एक डायरी मिली है, जिसमें कई पुलिसकर्मी और सफेदपोशों के नाम हैं, शोर यह भी रहा कि उसकी डायरी में कुछ पत्रकारों के नाम भी हैं। वह डायरी पुलिस ने उजागर नहीं की, उसके ओपन होने से कम से कम शरीफों के चेहरे तो सामने आते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ कालिया ने हरीपर्वत के कैलाशपुरी निवासी धनराज उर्फ छक्कू के बार में बताया था कि वह उसकी बुक पर एक करोड़ रुपये जीता था। छक्कू का नाम 70 सटोरियों की लिस्ट में है।

मर्डरकांड में रहा था आरोपी  
छक्कू शाहगंज के एक चर्चित हत्याकांड में आरोपी रह चुका है। उस मामले में जेल भी गया था। उस दौरान छक्कू बिल्लौचपुरा में किराये पर रहता था। जेल से छूटने के बाद वह संजय कालिया के संपर्क में रहा। फिलहाल दिखावे के लिए वह लेडीज चप्पल की टेड्रिंग करता है। किराये पर रहना वाला व्यक्ति आज कम से कम दो करोड़ से ऊपर का व्यक्ति है। सफेद रंग की लग्जरी गाड़ी मैंटेन करता है। आलीशान घर बनवाया है। दिसंबर माह में पकड़ने के लिए पुलिस उसके घर गई थी। छक्कू बचने के लिए शाहगंज निवासी एक व्यक्ति के पास गया। उसने छक्कू को बचाने के लिए तीन लाख रुपये लिये। हालांकि उसके बाद से छक्कू को पुलिस ने परेशान नहीं किया है।