24 लाख 18 हजार रुपये के कागज़ों में बन गए शौचालय, मौके पर बने नहीं

शौचालय के नाम पर सरकारी धनराशि का बंटरबांट 
जिलाधिकारी से शिकायत कर जांच की मांग 
 
प्रदीप यादव ​
 
एटा। विकास खण्ड जैथरा की ग्राम पंचायत खरसेला में शौचालय के नाम पर लाखों की सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर हजम कर ली गई। घर की बजाय अन्य स्थानों पर शौचालय बनवाए गए तो कई का निर्माण कागजों में पूरा दिखाया गया है। एक ग्रामीण ने इस फर्जीवाडे को उजागर करने के लिए जिलाधिकारी सुखलाल भारती से शिकायत कर जांच की मांग की है। 
विकास खण्ड जैथरा के ग्राम खरसैला निवासी बलवीर सिंह के पुत्र यदुनंदन सिंह ने जिलाधिकारी सुखलाल भारती को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि ग्राम प्रधान सावित्री देवी यादव ने स्वच्छ शौचालय का रुपया अपने व अपने पुत्र एवं सगे संबंधियों के नाम से निकालकर बंदर बांट कर लिया गया। 
ग्राम पंचायत खरसेला में 226 स्वच्छ शौचालय बनवाने के लिए ग्राम प्रधान द्वारा पहली किस्त में 13 लाख 56 हजार और 177 शौचालयों के लिए दूसरी किस्त में 10 लाख 62 हजार रुपये निकाल लिए गए। बताया गया है कि प्रधान के भतीजे अवलेन्द्र के नाम से चैक संख्या-167201 से 23 मई 2017 को 50 हजार रुपये निकाले गए। 
आरोप है कि प्रधान सावित्रीदेवी ने स्वयं चैक संख्या 167202 से 23 मई 2017 को 50 हजार निकाल लिए, सबंधी मसूद खा के नाम चैक संख्या 167205 से 1 लाख 20 हजार रुपये निकाले गए। प्रधान ने अपने पुत्र अरविन्द कुमार के नाम चैक संख्या 167209 भरकर 50 हजार रुपये 7 जुलाई 2017 को निकाले गए। 
यहीं नहीं 10 साल पहले बने शौचालयों को दिखाकर भी प्रधान द्वारा रुपए निकालकर हड़प लिए गए हैं। मांग की गई है कि ग्राम पंचायत खरसेला में बने शौचालयों की जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की जाए और रुपया वापस कराकर गरीबों के शौचालयों का निर्माण कराया जाए।