SSP आगरा की SOG के पुराने कर्म हो रहे उजागर

23 दिसबंर को हरियाणा के शराब तस्कर प्रदीप सेठी को तीन लाख रुपये लेकर छोड़ा
लाइन में तैनात दरोगा ने सूत्रधार की सूचना पर एसओजी के दो सिपाही से कराया था गुडवर्क  

एम डी खान 

आगरा। दिसंबर माह में शराब तस्कर को पकड़ने के बाद वसूली कर छोड़ने के दो आॅडियो वायरल हुए हैं। आॅडियो में सूत्रधार और पुलिस लाइन में तैनात एक दरोगा की बातचीत हैं। सूत्र उसमें कह रहा है कि शराब तस्कर को जेल भेजने के लिए पकड़वाया था। उसे छोड़ क्यों दिया। वहीं दरोगा बीस हजार रुपये मिलने की बात कह रहा है, जबकि शराब तस्कर को छोड़ने के लिए तीन लाख रुपये की वसूली की गई है। बातों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दरोगा और सूत्र आपस में अच्छे मित्र हैं। दरोगा शराब के नशे में धुत है। दोनों की बातचीत में एसओजी के दो सिपाहियों का जिक्र हो रहा है। दरोगा पुराने सिपाही का नाम खुलकर ले रहा है। सूत्र एसएसपी से शिकायत करने की बात कह रहा है, वहीं वह डर भी रहा है कि कहीं एसओजी वाले उसे किसी मामले में फंसा न दें। वहीं दरोगा पूरे मामले की किसी भी अधिकारी के सामने गवाही देने की बात कह रहा है। पूरे प्रकरण में एक तीसरा व्यक्ति भी है। जिसने सूत्रधार और दरोगा की मुलाकात कराई थी। आॅडियो रिकार्डिंग में अन्य काम होने का भी जिक्र है, जो दरोगा के साथ मिलकर वह देहात वाला मित्र कर चुका है।

गौरतलब है कि ‘अग्र भारत’ दो दिन पहले कथित एसओजी कर रही लूट शीषर्क करके समाचार प्रकाशित कर चुका है। उसी तर्ज पर लाइन में तैनात दरोगा और देहात क्षेत्र के एक युवक ने शराब तस्करों को पकड़कर वसूली करने की योजना बनाई। दरोगा का आवास रकाबगंज थाने में है। दरोगा के देहात वाले मित्र के संबंध कमला नगर निवासी फाइनेंसर से हैं। फाइनेंसर के अच्छे-बुरे लोगों में उठना-बैठना है। दरोगा ने उस पर जोर डाला भाई कोई गुडवर्क करा दो। जिससे मैं अधिकारियों की नजर में आ जाऊं और पोस्टिंग सही जगह हो जाये। इस नीयत पर सूत्र ने अपने पुराने संपर्को को खंगाला। पूरे एक माह तक सूत्र तिगड़म लगाता रहा। 22 दिसंबर को सूत्र ने दरोगा को कॉल करके बताया कि आप तैयार हो जाओ 23 दिसंबर की सुबह सात बजे से नौ बजे तक माला (हरियाणा) आयेगा, या फिर 11 बजे से दो बजे के बीच में गाड़ी दयालबाग पहुंचेगी। में सुबह छह बजे से ही रैकी में लग जाता हूं। गाड़ी जैसे ही फार्म हाउस पर उतरेगी में आपको सूचना दे दूंगा। गाड़ी से माल उतरने में 30 मिनट का समय लगता है।

बलेनो गाड़ी से आई थी शराब
सूत्र अपने एक साथी को लेकर मथुरा के कोसी पहुंच गया। उसे सूचना मिली थी कि बल्लभगढ़ का प्रदीप सेठी बलेनो कार एचआर 29 टीसी 10307 (टंपरेरी नंबर) से माल लेकर आ रहा है। गाड़ी में हाई ब्रांड की शराब भी बताई गई। सूत्र ने कोसी से दरोगा को सूचना देना शुरू कर दिया। दरोगा ने अपनी इमैज बनाने के लिए एसएसपी की एसओजी टीम में तैनात एक सिपाही से संपर्क किया था। उसी सिपाही ने एसओजी के पुराने और कुख्यात सिपाही को साथ लिया। टीम के दोनों सिपाही अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार से सुल्तानगंज की पुुलिया पर पहुंचे। माल मुगलरोड होते हुए दयालबाग खेलगांव के पास पहुंचना था। सूत्र ने कोसी और आगरा के दूरी के दौरान दरोगा से करीब 25 बार बात कर शराब तस्कर की लोकेशन दी।

बालगंज चौकी पर ले गये सिपाही
सूत्र अपनी कार से शराब तस्कर के पीछे सुल्तानगंज की पुलिया तक पहुंचा। उसके बाद सिपाहियों ने जैसे ही शराब तस्कर की बलेनो पकड़ ली, उसके बाद सूत्र वहां से चला गया। गाड़ी दिन के ठीक तीन बजे पकड़ी और साढ़े तीन बजे बालूगंज चौकी पर लेकर पहुंचे। सूत्र का दावा है कि सेठी की गाड़ी में हर समय डेढ़ लाख रुपये पुलिस को देने के लिए रखे होते हैं, लेकिन गाड़ी से एक लाख 48 हजार रुपये मिले। चौकी पर मामला बिगड़ता देख शराब तस्कर को एक अन्य चौकी पर ले गये। वहां उससे ढाई लाख रुपये की और डिमांड हुई। तस्कर पर उस दौरान रुपये नहीं थे, तो वह पैसे पहुंचा देगा इस बात की जिम्मेदारी मथुरा एसओजी में तैनात एक सिपाही ने ली थी।

बंटवारे को लेकर बवाल
शराब तस्कर को महज एक घंटे के अंदर छोड़ दिया, जबकि तय यह था कि उसे जेल भेजा जायेगा। सूत्र का दावा है कि पुलिस उसे सपोर्ट करे तो जिले में एक बोतल शराब हरियाणा से नहीं आने देगा। एसओजी के सिपाही ने तस्कर सेठी से तीन लाख वसूले और महीनादारी भी बांध ली। इसकी जानकारी होने पर सूत्र ने लाइन में तैनात दरोगा से फोन करके जानकारी मांगी। दरोगा ने कहा भाई टीम ने बीस हजार रुपये दिये हैं। दस हजार आप ले लो। अब सवाल यह था कि जेल भेजने की तय था, तो क्यों नहीं भेजा, गुडवर्क क्यों नहीं किया? अब जब छोड़ दिया है, तो तीन लाख रुपये में से दस हजार रुपये ही मिलेंगे। वह भी सूत्र के हिस्से में पांच हजार ही आयेंगे। सूत्र के देहात वाले मित्र ने इसकी सूचना तत्कालीन एसओजी प्रभारी को दी। उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि भाई इसमें मैं क्या कर सकता हूं। कोई बड़ा मामला हो तो बताना।