यस बैंक प्रकरण: साल 2017 से चल रही थी निगरानी, नहीं डूबेगा आपका पैसा- सीतारमण

नई दिल्ली  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की यस बैंक पर पाबंदी की कार्रवाई के बाद ग्राहकों में बेचैनी बढ़ गई है। हालांकि, सरकार की ओर से बार-बार खाताधारकों को पैसे सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया जा रहा है। इस बीच, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि साल 2017 से आरबीआई, यस बैंक पर निगरानी कर रहा था। वहीं 2018 में केंद्रीय बैंक ने यस बैंक में गड़बड़ी की पहचान कर ली थी, जबकि 2019 में यस बैंक पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि यस बैंक के मामले को लेकर वह मई 2019 के बाद से ही आरबीआई के संपर्क में थी। वहीं सितंबर 2019 से यस बैंक पर सेबी की नजर है। बता दें कि सेबी शेयर बाजार को रेग्‍युलेट करता है। इससे पहले निर्मला सीतारमण ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनका पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंक के खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है। खाताधारकों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक के अधिकारी समस्या का समाधान निकालने में जुटे हुए हैं।
वित्त मंत्री के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से हम सभी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जो कदम उठाए गए हैं वो जमाकर्ताओं, बैंक और अर्थव्यवस्था के हित में हैं। ये बीते कई महीनों से चल रहा था तो ऐसा नहीं है कि ये अचानक आ गया है, हम हालात पर लगातार नजर रखे हुए थे। इसका समाधान निकालने के लिए रिजर्व बैंक अपनी पूरी ताकत लगा रहा है। इसके आगे निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर किसी के घर में शादी या कोई बड़ा खर्चा है तो इन सबके लिए कानूनी प्रावधान हैं। रिजर्व बैंक के नियुक्त अधिकारी उनको जरूरी खर्च के लिए जो पैसा देना है वो देंगे, उनको राहत मिलेगी।
यस बैंक मामले को लेकर एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और कहा पैनिक करने की जरूरत नहीं है। हम लोग सिस्टम बना रहे हैं। ग्राहकों के जमा किए हुए पैसे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। वोडाफोन के मुखिया ने भी वित्त मंत्री से मुलाकात की लेकिन मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। गुरुवार को आरबीआई ने यस बैंक से 50,000 रुपए से ज्यादा रकम निकालने पर पाबंदी लगा दी है। कोई भी ग्राहक अपने अकाउंट से 50,000 से ज्यादा रकम नहीं निकाल सकता है। सरकार ने 5 मार्च से 3 अप्रैल के बीच तक यस बैंक पर यह पाबंदी लगाई है। अगर किसी ग्राहक के पास 4 अकाउंट है तो वह सभी खातों को मिलाकर भी सिर्फ 50,000 रुपए ही निकाल सकता है।