FLIPCART के ख़िलाफ़ जाँच की हरी झंडी मिली – कैट

नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज एनसीएलएटी के उस आदेश का स्वागत किया है, जिसमें फ्लिपकार्ट के ख़िलाफ़ प्रतिस्पर्धा आयोग के महानिदेशक को जाँच करने के लिए हरी झंडी दी गई है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की एनसीएलएटी का आदेश कैट एवं देश के व्यापारियों के पक्ष में एक बड़ा फ़ैसला है जो अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ कैट द्वारा जारी कानूनी लड़ाई एवं अन्य आंदोलन की सफलता में महत्वपूर्ण साबित होगा । यह आदेश निश्चित रूप से अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट की जांच के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्टे के आदेश को प्रभावित करने वाला है।

खंडेलवाल ने कहा कि अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में इस मामले पर बहुत अधिक भरोसा किया है और चूंकि एनसीएलएटी ने अब आदेश दिया है, संभवतः कर्नाटक उच्च न्यायालय में इस आदेश से बदलाव होने की सम्भावना बढ़ाएगा । आज 4 मार्च 2020 को एनसीएलएटी ने सीसीआई द्वारा बहुत पहले पारित आदेश के संदर्भ में एआईओवीए द्वारा दायर अपील में फ्लिपकार्ट के व्यापार के व्यवहार की जांच करने के लिए महानिदेशक को निर्देश दिया। महानिदेशक को इसकी शुरुआत फ्लिपकार्ट की व्यावसायिक प्रथाओं की जांच से करनी है।

यह दिल्ली व्यापर महासंघ मामले में सीसीआइ के आदेश के अलावा है, जिसमें सीसीआइ ने फ्लिपकार्ट और अमेज़ॅन के व्यवसाय की जांच करने का निर्देश दिया था। हालाँकि दिल्ली व्यापार महासंघ के मामले में वर्तमान में कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा स्टे किया गया है लेकिन कैट आज के आदेश के संदर्भ में यह आवश्यक कानूनी कदम उठा रहा जिससे हैं सीसीआई की जांच अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा दी जा रही गहरी छूट और लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचने के बिज़्नेस मॉडल पर रोक लग सके ।

कैट अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के अनैतिक व्यापार प्रथाओं को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें एफडीआई नीति और अन्य कानूनों का पालन करने के लिए मजबूर करेगी और यदि वो पॉलिसी का पालन नहीं कर सकते तो दोनों भारत छोड़ देना। चाहिए और एक ऐसे राष्ट्र में जाएगी जहां नीतियों और नियमों का पालन नहीं किया जाता है।