सफेद वर्दी वाले साहब तो खामखां बदनाम, पैसे कमाने की होड़ तो खाकी वालों में लगी

राजू बना पुलिस के लिए मुनीम, पुलिस को बिना वर्दी वाले गुंडों का सहारा
चौराहे पर नौ एंट्री के नाम पर बरस रहे नोट

 

शाहरुख खान 

आगरा। जिले के आला अधिकारी जिले में अपने नाम और काम का लौहा मनमाने के लिए दिन रात महनत कर रहे है। तो वहीं उनकी महनत पर अपने की विभाग के छुट भइये अपनी जेब बड़ी करने में लगे हुए है। चौराहें से वसूली करने के मामले में सफेद वर्दी वाले साहब तो खामखा बदनाम है लेकिन उनसे भी ज्यादा पैसे कमानें की होड़ तो खाकी वर्दी वाले सिपाहियों में लगी हुई है। उनका दिमाग को सफेद वर्दी वाले बाबूजी से भी आगे चलता है। वह किसी भी कीमत में नौ एंट्री के नाम पर होने वाली वसूली को नहीं छोड़ना चाहते। बड़े साहब ने पुलिस कर्मियों को चौराहें पर लगाया है कि कोई बड़ा वाहन नौ एंट्री में न घुस आये, तों चौराहें पर तैनाते सिपाही भी बूथ में बैठ कर अपने आप को किसी साहाब से कम नहीं समझते है। बूथ में बैठे सिपाहियों ने भी अपना रौब बनाने के लिए एक गुर्गा पाल लिया है। गुर्गा नौ एंट्री में आने वाली गाड़ियों से तो डील करता है ही इसके साथ ही अपने आकाओं को बुरी नजर से बचाने के लिए भी पूरी महनत करता है चाहे उसके लिए उसे किसी के हाथ जोड़ने पढ़े या किसी के पैर छूने पड़े। जब इतने में भी काम नहीं चलता तो गुर्गा अपनी उम्र के आधार पर बने सम्बन्धों की धुहाई देने लगता हैै।

राजू बना वार्टरवक्स चौराहें का मुनीम
आलाधिकारियों से पुलिस वसूली की बात की जाये तो वह सिरे से नकार देते है। उनकी बात कितनी सच है यह दिखाने के लिए दैनिक अग्र भारत की टीम बुधवार सुबह से ही हाईवे पर सक्रिय हो गई। करीब 10 बजे वाटर वक्स से जीवनी मंड़ी जाने कके लिए ट्रक घुसा। उसे देखते ही पुलिस का गुर्गा दौड़ता हुआ ट्रक के पास पहुंच गया। इस दौरान चौराहें पर तैनात सिपाई राजू के हिसारे का इंतजार करने करने लगे। चौराहें पर लाइट कोई भी लगी हो लेकिन ट्रक चलने में राजू का हिसारा ही मान्य होता है। कभी ट्रक चालक तो कभी कम्पनी मालिक राजू से डील करके ही गाड़ी को नौ एंट्री में ले जाते है।

राजू पर खास महरबान है पुलिस 
जब राजू से इस सम्बन्ध में पूछा गया तो राजूू ने बताया कि इस काम के बदले पुलिस उसकी कटी हुई गाड़ियों को बिना दिक्कत के चलने देती है। जिसके बदले वह पुलिस के लिए यह काम करता है। जबकि जानकारी के अनुसार पुलिस उसे काम करने के बदले करीब 400 रूपये दहाड़ी के साथ पूरी सुरक्षा भी देती है।