12 दिन से नहाया नहीं है कुकर्म पीड़ित, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

19 फरवरी की घटना के बाद से प्री मेडीकल कराने में हो रही अनदेखी
वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपी निकले पुलिस के मुखबिर


आगरा। पायल कारीगर से चलती गाड़ी में कुकर्म हुआ। पुलिस ने कार्रवाई में लापरवाही बरती तो एसएसपी ने इंस्पेक्टर सहित चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया। पुलिस पर इतनी बड़ी कार्रवाई होने के बाद भी अन्य विभाग सीख नहीं ले रहे हैं। पीड़ित के प्री-मेडीकल होने में लापरवाही बरती जा रही है। घटना को 12 दिन होने जा रहे हैं, लेकिन पीड़ित का मेडीकल नहीं हुआ है। चिकित्सकों ने अभी छह मार्च की डेट तय कर दी है। मेडीकल होने तक के इंतजार में पीड़ित अभी तक नहाया (स्नान) नहीं हैं। उसे डर है कि वह नहा लेगा तो मेडीकल परीक्षण में जो घटना हुई है। उसके साक्ष्य मिट सकते हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और मेडीकल विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वहीं वारदात में शामिल तीनों आरोपी पुलिस के मुखबिर निकले। थाने में यहां तक चर्चा है कि तीनों आरोपी पुलिस के साथ मिलकर अवैध धंधों से जुड़े लोगों से ब्लैकमेलिंग कर लाखों कमा चुके हैं।  


थाना शाहगंज के बीके पुरम निवासी श्याम (35 साल) काल्पनिक नाम पायल का कारीगर के साथ हुई घटना में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार और चौकी इंचार्ज उदयवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी को प्री-मेडीकल कराने के लिए आवेदन दिया था। जिलाधिकारी ने सीएमओ और पुलिस को आदेश किये कि दोबारा से मेडीकल परीक्षण हो। पीड़ित के भाई सुधीर ने बताया कि घटना को 12 दिन हो चुके हैं। अभी पूरी तरह से मेडीकल परीक्षण नहीं हुआ है। किश्तों में मेडीकल हो रहा है। शनिवार को एक्सरा हुआ, तो तीसरे दिन सिटी स्कैन कराया है। कुकर्म मामले की जांच अभी अधूरी है। डॉक्टर ने आगे का मेडीकल करने के लिए शुक्रवार छह मार्च की तारीख दी है। इतना देर से करने की वजह पूछी तो कह दिया कि पेट रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शुक्रवार को ही बैठते हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस या फिर डॉक्टर्स से बहस भी नहीं करते। उन्हे डर है कि ये लोग गुस्से में अंदर ही अंदर खिलाफत न कर दे। वहीं थाना पुलिस में कुछ लोग इंस्पेक्टर और दरोगा पर हुई कार्रवाई से नाराज हैं। वह चाहते थे कि पीड़ित परिवार मामले में समझौता कर ले।

शरीर से आने लगी है बदबू
डॉक्टर के अनुसार बलात्कार, कुकर्म आदि के मामलों में मेडीकल होने तक पीड़ित को नहलाया नहीं जाता। नहाने के बाद पीड़ित के शरीर से साक्ष्य मिट जाते हैं। उसके कपड़े भी सुरक्षित अलग रखने चाहिए। इसी वजह से पीड़ित श्याम के परिजनों ने उसे अभी नहलाया नहीं है। उसका एसएन इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। हालांकि नित्यक्रिया वह प्रतिदिन कर रहा है। उसके शरीर से बदबू आने लगी है। पीड़ित की ऐसी हालत है कि वह शर्म के मारे रिश्तेदारों से आंख तक नहीं मिला पा रहा है। वारदात के दो दिन बात कुकर्म की बात का उसने खुलाया किया था। परिवार हर हालत में आरोपियों को सजा दिलाना चाहता है। आईजी आॅफिस में तैनात पीड़ित के भाई मनोज ने खुद आरोपियों की तलाश कर पुलिस को बताया था। मुख्य आरोपी सौरभ शर्मा, नदीम उर्फ बबलू ने वारदात को कबूल किया था।

आरोपी निकले पुलिस के मुखबिर
सूत्रों के मुताबिक आरोपी सौरभ शर्मा सफेद रंग की इंडिगों लेकर घूमता है। कार भी चोरी की बताई जा रही है। वह बबलू और इरशाद के साथ मिलकर शाहगंज और जगदीशपुरा क्षेत्र में अवैध तरीके से वसूली करता है। यह पहला मामला नहीं हैं। इससे पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। एसपी सिटी की पूर्व में रही टीम में तैनात रहा एक सिपाही सौरभ का मददगार रहा है। सौरभ के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जाये तो वह सिपाही से प्रतिदिन बात करने की डिटेल निकल आयेगी। सौरभ पुलिस के साथ मिलकर मराठी महिलाओं को टारगेट करता है। इस गैंग को पता रहती है कि क्षेत्र में कौन-कौन लोग किसी धंधे में लिप्त हैं। सिपाही के जरिये उनकों उठवा लेता है, फिर उनको छुड़ाने के एवज में रकम वसूलता है। कुछ मामलों में तो वह फोन के जरिये ब्लैकमेलिंग भी करता है। बतादें कि दोनों थाना क्षेत्र में आॅटो गैंग, चेनस्रेचर, बाइक चोर आदि सक्रिय हैं। सौरभ पूर्व में जगदीशपुरा थाने से जेल जा चुका है।  


पीड़ित ने की शिनाख्त परेड
पुलिस ने थाने में दर्ज अपराध संख्या 048/2020 धारा 323, 504, 506 एनसीआर जिसे अब धारा 364, 377, 307 में तरमीम कर दी है। मामले में थाना प्रभारी सलीम अहमद ने आरोपी सौरभ शर्मा, बबलू उर्फ नदीम को संगीन धाराओं में जेल भेज दिया है। इरशाद अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने से पहले पीड़ित के समझ ले जाकर शिनाख्त परेड कराई। पीड़ित ने दोनों आरोपियों को पहचान लिया है।