जगनेर में ब्रह्मकुमारीज ने धूमधाम से मनाई 84 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती

जगनेर ।  रविवार को कस्बा जगनेर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से 84 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई। कार्यक्रम का आयोजन आगरा रोड़ स्थित परमार गैस्ट हाउस पर हुआ जिसका शुभारम्भ मंच पर बैठे अतिथियों के स्वागत में छोटी छोटी बालिकाओं ने स्वागत गायन गाकर किया। बच्चों ने अनेक मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जिनके माध्यम से शिव के अवतरण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और श्रोताओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट से बच्चों का मनोबल भी बढ़ाया। अतिथियों और संस्था के बीके भाई और बहिनों ने शिवलिंग के आगे दीप प्रज्वलित और कैंडल लाइटिंग किया और शिव के झंडे का ध्वजारोहण करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी को शिव की प्रतिज्ञा कराई। जिसके बाद कस्बे की कन्याओं-माताओं ने सिर पर कलश रख कलश यात्रा निकाली। जिसका शुभारम्भ स्थानीय थाने के एसएसआई अतिवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। कलश यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गो, गली गलियारों से होते हुए पूरे कस्बे में निकली जिसमें लक्ष्मी-नारायण, गणेश, शिव और शंकर की चैतन्य झांकियां शामिल रही जिनकी जगह-जगह कस्बे की माताओं-बहिनों ने पूजा अर्चना करते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया। कलश शोभायात्रा और रैली में शामिल हुए बच्चों ने जागो जागो समय को पहचानो, द्वार खड़े है शिव भगवान-चारा विकारों का दो दान, ढाई इंच की बीड़ी है-यही मौत की सीढ़ी है आदि नारे लगाते हुए कस्बे के लोगों को जागरूक करते हुए शिव का संदेश दिया।

शोभायात्रा का समापन खंड विकास कार्यालय के सामने परमार गैस्ट हाउस पर हुआ जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगनेर सेवा केन्द्र प्रभारी बीके एकता बहिन और संचालन रूपवास सेवा केन्द्र प्रभारी बीके शिखा बहन ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जगनेर नगर पंचायत के पूर्व चैयरमैन मुन्ना लाल अग्रवाल, पूर्व प्रधान रामजीलाल, हरिओम शर्मा, किशन लाल मंगल एसएसआई अतिवीर सिंह, माउंट आबू से आए राजयोगी वरिष्ठ भाई बीके नीरज, बीके अंकिता बहिन श्रीमती रमा परमार आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने अपने अपने विचार रखते हुए ब्रह्मकुमारीज संस्था की सराहना करते हुए कस्बे के लोगों को संस्था से जुडऩे और इनके विचारों और सिंद्धांतों पर चलने की बात कही। प्रभारी बीके एकता बहिन ने लोगों को शिव जयंती के बारे में बताया और कहा कि हमें इस धरा पर सिर्फ अपने लिए नहीं लोगों को सतकर्म के रास्ते पर चलने और विश्व कल्याण की भावना से जीना चाहिए साथ ही शिव और शंकर में अंतर समझाया।