आगरा में जिगोलो के जाल में फंसा रहा फ्रॉड गैंग

-स्कॉर्ट संचालक एक दिन में दस हजार कमाने का देता है लालच
-गैंग के लोग फेसबुक, वॉट्सएप पर खुलेआम चला रहे हैं नेटवर्क


आगरा। फेसबुक पर प्लेबॉय सर्विस में रोजगार देने के नाम पर धोखाधड़ी का गैंग चल रहा है। गैंग ने फेसबुक पर लड़कियों के नाम से कई आईडी बना रखी है। मोबाइल नंबर भी दर्ज है। उसके जरिये बेरोजगार युवकों को लुभावने आॅफर देकर फंसा रहा है। इसकी सच्चाई जानने के लिए अग्र भारत ने कई दिन जांच की तो उसमें निकलकर आया कि जिगोलो स्कॉर्ट प्लेबॉय सर्विस नहीं बल्कि फ्रॉड गैंग हैं। इसका सरगना राजस्थान के श्री गंगा नगर में है। जो एक छोटा-छोटा एमाउंट जमाकर लोगों को ठग रहा है। पुलिस और साइबर सैल इस तरफ से बेखबर हैं।


फ्रॉड और रिपोर्टर की हुई बातचीत 

रिपोर्टर-आपका मोबाइल नंबर फेसबुक पर नीतू वर्मा आईडी से मिला है।
संचालक- हां वो हमने ही डाला है कि प्लेबॉय सर्विस के लिए, अगर आप आज रजिस्ट्रेशन करा लेते हो तो आज ही आपकी मटिंग  करवा देंगे।
रिपोर्टर-आज तो मुश्किल है।
संचालक- पहले गूगल पे के जरिये 1050 रुपये से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। एक आईडी, दो फोटो और डेट आॅफ बर्थ लिखकर वाट्सएप कर दो।
रिपोर्टर- मेरा इंटरव्यू कहां पर होगा।
संचालक- सर आपका इंटरव्यू नहीं होगा यह प्लेबॉय सर्विस है। रिपोर्टर- इसमें मुझे क्या फायदा होगा।
संचालक- गु्रप ज्वाइन करने के बाद दो घंटे के चार हजार रुपये व फुल नाइट के 8 से 10 हजार रुपये दिये जायेंगे।
रिपोर्टर-मेरे साथ कोई फ्रॉड तो नहीं होगा?
संचालक- मेरे वाट्सएप पर जो नौटरी का एफीडेविड लगा है। उसे देख लो सबकुछ सही है।
रिपोर्टर- ऐफीडेविड तो हरियाणा और राजस्थान सरकार के नाम का बना हुआ है।
संचालक- सिस्टम को ईमानदारी से चला रहे हैं। इसका मकसद मिडिल क्लॉस के लोग भी दो पैसे कमाकर अपने इच्छायें पूरी कर सकें।

रिपोर्टर- हमारी क्लाइंट से मुलाकात कहां होगी?
संचालक- आपकी अधिकांश मीटिंग ताजगंज एरिया में ही होगीं।
रिपोर्टर-ताजगंज के छोटे होटलों में पुलिस की दबिश का खतरा रहता है?
संचालक- इस बात की बिलकुल भी टेशंन मत लो, आपकी मीटिंग वीआईपी होटल में ही होगी।
रिपोर्टर- क्या आगरा के और भी लड़के काम कर रहे हैं?
संचालक- जी हां आगरा के इस समय 10 लड़के काम कर रहे हैं। उन सभी को एक-दूसरे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
रिपोर्टर- रजिस्ट्रेशन के लिए अपना खाता और वाट्सएप नंबर देंगे।
संचालक- फोन पे गूगल के जरिये और पेटीएम से रुपया जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय आपका आॅनलाइन चार्ज कटता है। वह हमारी जिगोलो स्कॉर्ट कंपनी के नाम जमा होता है।
रिपोर्टर-रजिस्ट्रेशन के बाद मीटिंग मुझे रोज मिल जायेगी?
संचालक- आपको महीने में सात मीटिंग ही दी जायेंगी।


गैंग को किराये पर मिल जाते हैं खाते
जिगोलो संचालक से मिले खाता नंबर 38610593813 और मोबाइल को हमने गोपनीय तरीके से पता किया, तो निकलकर आया कि खाता भारतीय स्टैट बैंक में सुनील कुमार पुत्र राजेन्द्र निवासी वार्ड नंबर 115 केडी रावला मंडी श्री गंगा नगर राजस्थान का है। एक्सपर्ट ने बताया कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में ऐसे तमाम लोग हैं, जो अपना खाता किराये पर दे देते हैं। गैंग के लोग खाताधारक को हर महीने एक हजार रुपये देने का लालच देते हैं। कुछ माह इस्तेमाल करने के बाद खाते को बंद करा देते हैं।

पुलिस से नहीं डरता हैं गैंग
गैंग के सरगना की जानकारी के बाद उसे सबकुछ बता दिया। इस पर वह बोला भाई आपका तो कुछ लिया नहीं और कोई बड़ी लूट तो हम कर नहीं रहे हैं, महज हजार, दो हजार रुपये ही तो ले लेते हैं। युवक को पुलिस का डर दिखाया तो बोला कि पुलिस हमारे पास नहीं पहुंच सकती। हम लोग बहुत इंटीरियर क्षेत्र में रहते हैं।