कॉन्वेंट छात्रा से गैंगरेप प्रकरण: स्कूल के चेयरमैन के बेटे सहित पांच पर गैंगस्टर लगाया

आगरा । आगरा में 11 वीं की छात्रा के साथ गैंगरेप के आरोप में स्कूल के चेयरमैन के बेटे सहित पांच पर गैंगस्टर लगाया गया है, ये सभी जेल में हैं। आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र में 11 वीं की छात्रा के साथ कार में रेप के बाद उसकी अश्लील वीडियो बना ली और स्कूल के चेयरमैन के बेटे दीपक धनगर और उसके चार दोस्तों ने छात्रा के साथ गैंगरेप किया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पांचों आरोपियों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है।

यह था मामला

मामला कुछ इस प्रकार है। थाना जगदीशपुरा, बिचुपरी क्षेत्र के गांव निवासी रेश्मा 17 साल (काल्पनिक) सपा नेता महाराज सिंह धनगर के स्कूल में 11वीं की छात्रा है। छात्रा के पिता मेरठ में एक सरकारी आॅफिस में क्लर्क हैं। आईजी आॅफिस में मामले की जांच कर रही टीम ने बताया कि छात्रा ने 27 अगस्त को जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर गये। उसे बचा लिया गया। छात्रा ने परिजनों को बताया कि उसके साथ पांच लड़के कई दिन से ब्लैकमेल कर दुष्कर्म कर रहे हैं। परिजनों ने सुना तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वह बेटी को लेकर जगदीशपुरा थाने गये। छात्रा के चाचा ने पांच लड़कों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। छात्रा ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त को कार्यक्रम सामाप्त होने के बाद वैन न आने की वजह से वह स्कूल के बाहर खड़े होकर इंतजार कर रही थी। उसी दौरान स्कूल संचालक सपा नेता महाराज सिंह धनगर का बेटा दीपक धनगर ने अंदर बुला लिया। उसने कहा था कि आॅफिस में बैठ जाओं वैन आ जाये तब चली जाना।

चपरासी से मंगाये थे लड्डू
दीपक धनगर ने चपरासी से लड्डू मंगाये। छात्रा ने मना किया तो कहां कि प्रोग्राम के ही हैं वहां से बच गये हैं, खा लो, छात्रा ने दो लड्डू खा लिये। उसके बाद पानी भी दिया। वह बेसुद हो गई। छात्रा के अनुसार जब उसे होश आया तो वह कार में पिछली सीट पर पड़ी हुई थी। चालक सीट पर दीपक धनगर बैठा था, कंडक्टर सीट पर हेमेंत पुत्र कोमल सिंह था। छात्रा के बराबर में धर्मेंद्र खड़ा था। उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। उन्होंने छात्रा को घर पर छोड़ दिया और अपने मोबाइल में छात्रा के अश्लील फोटो दिखाते हुए मुंह खोलने पर बदनाम करने की धमकी दी। सपा नेता के बेटे के साथ गैंगरेप में शामिल दो आरोपी छात्रा के गांव के ही थे। बताया जा रहा है कि उनमें से एक युवक उसी स्कूल में पढ़ता है। हेमेंत पुत्र कोमल ने यह फोटो अपने दोस्तों को दिखाई। यह फोटो बाद में सतेंद्र और विमल को को भी दे दिया गया। दीपक धनगर और उसके दोनों साथी छात्रा को बार-बार बुलाकर रेप करने लगे।

विमल और सतेंद्र भी करने लगे ब्लैकमेल
15 अगस्त की वारदात के बाद तो छात्रा की जीना दुश्वार कर दिया। दीपक और उसके साथियों को जब मौका मिलता दबोच लेते। जो फोटो खींचे गये हैं, उनमें से एक फोटो चारपाई का है। इससे साफ साबित होता है कि दीपक धनगर ने स्कूल के अंदर या फिर अपने किसी स्थान पर ले जाकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है। फोटो में छात्रा बेसुध है। उसे कोई होश नहीं हैं। उसका कहना भी है कि जब भी बुलाया उसे कुछ नशीली वस्तु खिला देते। उसके साथ कितने लोगों ने रेप किया यह उसे  खुद नहीं पता। उसने करीब 13 दिन नरक से बदत्तर गुजारे। विमल और सतेंद्र भी रास्ते में मोबाइल में फोटो खोलकर उसकी तरफ खड़े हो जाते। छात्रा समझ गई कि अब उसका जीना बेकार है। पूरे इलाके में बदनाम हो गई है। हर कोई उसके साथ गलत काम करना चाहता है। परिवार की भी बदनामी हो रही है। यह सोच उसने आत्महत्या करने का कदम उठाया।

इंस्पेक्टर ने लिखा था छेड़छाड़ का मुकदमा
छात्रा की गवाही के बाद भी गैंगरेप की तहरीर लेने से इंस्पेक्टर संजय पांडेय ने इंकार कर दिया। उन्होंने मामला सिर्फ फोटो वायरल और छेड़छाड़ की तहरीर देने को कहा। जबकि फोटो में लड़के के साथ एक आरोपी दुष्कर्म करते दिख रहा है। इस पर इंस्पेक्टर ने परिजनों से कहा था कि आप फोटो को इंटरनेट से एडिट करके लाये हो, आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन 50 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। यहीं बात इंस्पेक्टर ने आईजी आॅफिस में पूछने पर बताई थी। फोटो को देख कोई भी व्यक्ति बता देगा कि आखिर माजरा क्या है, शर्म करो इंस्पेक्टर तुम्हारी अंतरआत्मा कैसे कह गई कि गैंगरेप नहीं हुआ। कोई भी पिता लड़की की नग्न फोटो लेकर नहीं घूमेंगा। वह भी ऐसे समाज का जहां जड़, जोरू और जमीन के मामलों में गोली चल जाती हैं। पिता सरकारी नौकरी में है। छुट्टी खतम होते ही जो मुकदमा लिखा उसी पर सब्र कर चला गया। छात्रा ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। पूरे गांव में धू-धू होने लगी।

सपा नेता ने दिये थाने में छह लाख रुपये
छात्रा का चाचा किसी जरिये आईजी ए सतीश गणेश से मिला। उसने छात्रा के दो फोटो उनको दिखाये। वह देखते आग बबूला हो गये। उन्होंने गोपनीय तरीके से पूरे मामले की जांच कराई। उसमें इंस्पेक्टर और सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा की भूमिका संदिग्ध नजर आई। जांच में आया कि पुलिस ने तहरीर मिलते ही चार लड़कों को हिरासत में ले लिया था। उसमें सपा नेता का बेटा नहीं था। सपा नेता  ने चारों लड़कों को छुड़ाने के लिए थाने में छह लाख रुपये दिये। उनके परिजनों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिये थे। उन्हे छोड़े जाने की शिकायत परिजनों ने सीओ लोहामंडी से की थी, लेकिन उन्होंने परिजनों को टरका दिया। जगदीशपुरा पुलिस ने गैंगरेप का मुकदमा अपराध संख्या 559/2019 को धारा 354 डी, 504, 7/8 पॉस्को एक्ट 67 आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया था। आईजी ने एसएसपी बबलू कुमार को तुरंत मुकदमें में गैंगरेप की धाराये बढ़ाने के आदेश दिये थे । पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद आईजी साहब ने की ।

पुलिस ने महाराज सिंह धनगर के पुत्र को बचाने में छह लाख में बेचा था ईमान
इंस्पेक्टर ने गैंगरेप की तहरीर बदलवाकर आईटी एक्ट में कराया था मुकदमा दर्ज

 


इंस्पेक्टर के जांच में खुले थे कारनामे
गैंगरेप प्रकरण की मॉनीटरिंग के लिए आईजी आॅफिस में एक टीम गठित हुई । थाने से प्रतिदिन अपडेट ली ।  इंस्पेक्टर की गोपनीय जांच चली। इंस्पेक्टर का कारनामा निकलकर आईजी के संज्ञान में आया। इंस्पेक्टर ने कुछ दिनों पहले राजेश कुमार शर्मा ने दो गैंगस्टर को गिरफ्तार किया था। दोनों ने गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो पता चला कि वह गैंगस्टर मामले में वांछित था । आरोपियों ने बताया कि तत्कालीन इंस्पेक्टर ने गिरफ्तार किया था। दोनों को एक नेता की सिफारिश पर बहुत मोटी रकम लेकर रात में ही छोड़ दिया था, कहा था कि तुम दोनों का नाम गैंगस्टर से हट गया है। बतादें कि एसएसपी ने इंस्पेक्टर का ट्रांसफर देहात के थाने में सैकेंड अफसर के पद पर किया। 


बेटे की करतूत से ‘धनगर’ की राजनीति में लगा ग्रहण

आगरा। कॉन्वेंट स्कूल में ग्यारहवीं की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामला टूंडला से सपा प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर के लिए गले की फांस बना । उनके विरोधी सक्रिय हो गये। वह किसी भी हाल में धनगर की टिकट कटवाने में और समाज में छवि खराब करने का काम कर रहे हैं। वहीं सपा नेता बेटे के साथ अपनी राजनीति बचाने के लिए शाम, दंड, भेद सभी हथकंडे अपनाने में लगे रहे । नेता के इस काम में जगदीशपुरा पुलिस पूरा सहयोग रहा । आईजी की सख्ती के बाद भी थाना पुलिस ने लापरवाही बरती । जबकि शहर के एक माननीय सजातीय नेता ने धनगर की राजनीति को खत्म करने के लिए भरकस कोशिश की ।


सजातीय नेता कार्रवाई कराने को हुए थे सक्रिय
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंगरेप प्रकरण में थाना पुलिस सपा नेता के बेटे दीपक धनगर को बचाने में जुटी हुई थी । पीड़ित पक्ष लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहा था । भाजपा के माननीय ने आईजी ए सतीश गणेश से मिलकर सख्ती बरतने को कहा था । 


गनेश यादव की खत्म हुई थी राजनीति
याद दिला दें कि सपा सरकार आते ही वर्ष 2012-13 में  जिला पंचायत अध्यक्ष गनेश यादव बने थे। ताजगंज थाना क्षेत्र में उसी दौरान उनके बेटे ने दोस्तों के साथ मिलकर बी कॉम की छात्रा के साथ रेप किया था। मामले को दबाने का प्रयास हुआ। सपा सरकार थी, उसके बाद भी तत्कालीन एसएसपी सुभाषचंद दुबे ने पुख्ता सबूत एकत्रित कर सपा नेता के बेटे को जेल भेजा था। उसे बचाने के लिए सपा हाईकमान ने भी दबाव डाला था, लेकिन मामला मीडिया के समक्ष आ जाने से आरोपियों पर कार्रवाई हुई थी।