प्राइवेट स्कूल संचालक के चलते छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में

आगरा/ जगनेर । सिगरावली स्थित पिंकी देवी गौड़ जूनियर हाईस्कूल के अध्यापक बच्चों के भविष्य के साथ करते है खिलवाड़। स्कूल से हाईस्कूल की पढ़ाई कराई गई लेकिन प्रवेश पत्र के नाम पर दिया ठेंगा। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया है की स्कूल संचालक ने साल की पूरी फीस जमा कराइ थी पर प्रवेश पत्र नहीं दिये हैं।

योगी सरकार में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ जम कर किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला जगनेर के गाँव कासपुरा निवासी रितु पुत्री ऋषिकेश ने बताया कि पिंकी देवी गौड़ स्कूल से उसने हाईस्कूल की पढ़ाई की थी। जब स्कूल में प्रवेश पत्र मांगने गई तो उसे वहां से भगा दिया। ऐसे ही छात्र मुंनेश पुत्र देवेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल संचालक राजबहादुर गौड़ ने वहां से भगा दिया जबकि स्कूल में पूरी फीस भी जमा है। इस बात पर एबीएसए अखिलेश वर्मा ने कोई भी जबाव नही दिया।

ब्लॉक के तांतपुर क्षेत्र के गांव कांसपूरा से मुनेश पुत्र बैजनाथ कुमारी रितु पुत्री ऋषि शर्मा  कुमारी कुंती पुत्री  कुमार सिंह ने बताया कि वह सभी दसवीं के छात्र हैं उनके स्कूल का नाम श्रीमती पिंकी देवी गॉड जूनियर हाई स्कूल सिंगरावली है जिसमें  उनहोंने  पूरी साल पढ़ाई की  और 4000  प्रति  छात्र से फीस ली गई लेकिन परीक्षा आने पर प्रवेश पत्र तक नहीं मिले। जब इसकी जानकारी  प्रधानाध्यापक राजबहादुर सेली तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। यहां पर आपको बताते चलें की श्रीमती पिंकी देवी गॉड जूनियर हाई स्कूल सिंगरावली में  चलता है जिसकी किसी भी प्रकार की मान्यता नहीं है। इस विद्यालय का दौरा विकास खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश वर्मा कर चुके हैं लेकिन आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। आज भी विकास खंड शिक्षा अधिकारी से फोन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कॉल को रिसीव नहीं किया।

अब सवाल ये उठते हैं की विकास खंड अधिकारी चुप्पी क्यों साधे हुये हैं जबकि स्कूल की  मान्यता को लेकर पूर्व में भी शिकायत की जा चुकी है। अभी तक के घटनाक्रम से तो ऐसा ही लगता है जैसे शिक्षा विभाग की शय पर ही ये स्कूल फल फूल रहे है, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ होता रहे।