पुलिस की सूझबूझ से अकरम अंसारी सकुशल बरामद

- नये जीवन के लिए अधिवक्ता ने माना पुलिस का एहसान 
- बीस टीमों के सहयोग से सफल हुआ ऑपरेशन अकरम
- बेटे को सकुशल देख पिता की आखों से झलका दर्द

शाहरुख खान 


आगरा। मंगलवार को अधिवक्ता की सकुशल बरामदी के बाद पुलिस अधिकारियों ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस प्रेसवार्ता मेंआईजी साहब ने अधिवक्ता के गुम होने की शिकायत के बाद से ही लगातार अधिवक्ता का सुराग लगाने में में लगी पुलिस टीम को सम्मानित किया। उन्होने बताया कि किस प्रकार पुलिस टीम ने अधिवक्ता को तो सकुशल बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया ही है इसके साथ ही पांच बदमाशों से फिरौती की रकम भी बरामद की है।  
3 फरवरी को अधिवक्ता अकरम अंसारी पुत्र आरिफ अंसारी निवासी मौहल्ला राजपुताना थाना दक्षिण अपने घर से आगरा श्रीराम अस्पताल में अपने रिश्तेदार को देखने आया था। यहां से अपने साढू फैज अंसारी के घर गया। उसी दिन कुछ देर बाद साढू उसे कारगिल पैट्रोल पम्प के पास छोड़ गया। जहां से अकरम टेम्पू द्वार आईएसबीटी पहुंचा और फिरोजाबाद जाने के लिए गाड़ी का इंतजार करने लगा। लेकिन कोई गाड़ी नही आई। अकरम आईएसबीटी से भगवान टॉकिज पहुंच गया तभी एक बुलेरों आई और फिरोजाबाद की आवाज लगाने लगी। जिसे देख कर अकरम उसमें बैठ गया। अधिवक्ता ने बताया कि उस गाड़ी में पहले से चार लोग और भी थे, जिन्होन गुटखा खाने की बात कहकर अधिवक्ता को बीच में बैठा लिया। करीब 10 मिनट गाड़ी चलने के बाद उन्होन अधिवक्ता अकरम के साथ मारपीट शुरूकर दी और उसे जान से मारने की धमकी देने लगे और उसके मुह व आखों पर पटटी बांध दी और उसे सूमसाम इलाके में ले गये। धौलपुर क्षेत्र में वर्तमान में भी डकैतों के कई गैंग जैसे गब्बर गैंग, केशव गैंग, रामविलास, भरत गैंग, धर्मेन्द्र लुक्का गैंग, मुकेश ठाकुर गैंग, आदि सक्रिय हैं,

फिरौती की मांग पर थाने में की शिकायत
देर रात तक अकरम के घर न पहुंचने और दूसरे दिन फिरौती की मांग करने पर अकरम के भाई असलम ने थाना सिकन्दरा में शिकायत दर्ज की। जिसके सम्बन्ध में थाना पुलिस ने मुकदमा संख्या 68/2020 धारा 364ए अज्ञात के नाम पंजीकृत किया। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन आगरा के मार्ग दर्शन में व पुलिस महानिरीक्षक निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा एक टीम व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पश्चिमी के निर्देशन में दूसरी टीम का गठन किया गया, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक ,क्षेत्राधिकारी हरीपर्वत व क्षेत्राधिकारी कोतवाली जनपद के सफल नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक सिकन्दरा, सदर, ताजगंज, हरीपर्वत, जैंतपुर, न्यूआगरा, सैंया, खेरागढ़,जगनेर एव ं प्रभारी एसओजी, सर्विलांस टीम द्वारा कई विशेष टीमों को गठन किया गया। पुलिस ने बताया की 5 फरवरी को अकरम के भाई असलम के पास अकरम की सकुशल बरामदगी के लिए 55 लाख रूपये की फिरौती का फोन आया। जब इस कॉल का पुलिस टीम ने पता लगाया तो पता चला यह कॉल राजस्थान के रूपवास भरतपुर के बीहड़ से आई थी। जिसके बाद पुलिस ने आईएसबीटी, भगवान टॉकीज, रामबाग, नुनिहाई, यनुमा किनारा, अमर होेटल तिराहा, ग्वालियर रोड के समस्त सीसीटीवी को चैक किये। बदमाशों ने दूसरी कॉल 8 फरवरी को की। जिसकी सिम खेरागढ़ मनोज के यहां से फर्जी आईडी से खरीदा गया था। जिसके बाद खेरागढ़ के आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखे गये तो उसमें दो व्यक्तियों की धुधली सी फोटो नजर आई।

बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बदले करेक्टर

गठित टीम ने बदमाशों तक पहुंचने के लिए अपने करेक्टर से लेकर हुलिया तक बदल लिए। इस अपहरण को पकड़ने के लिए पुलिस ने इसे आॅपरेशन अकरम नाम दिया। अकरम के परिजनों से बताया कि अंत में बदमाशों ने 15 लाख रूपये की मांग की। जिसके बदले परिजनों से 11 लाख की फिरौती दे दी
लेकिन भाई को छोड़ा नहीं है। अब पुलिस के सामने दुसरी चुनौती पैदा हो गई थी।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी टीमों को एकत्रित कर सभी टीमों का कार्य वितरण किया गया। जिसके बाद पुलिस टीम ने दिन रात की मेहनत के बाद धौलपुर के बाड़ी कस्वा के रेलवे रोड़ पर राजू के घर को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया। जहां मुकेश समुन्द्र सिंह भी अकरम के साथ मौजूद थे। पुलिस ने अकरम को बदमाशों के चंलुग से सकुशल बरामद किया। पुलिस ने पूरे आॅपरेशन में पांच आरोपियों उग्रसेन, लाखन , राकेश, मुकेश, समुन्द्र को गिरफतार किया है आरोपियों के पास से फिरौती कि रकम भी बरामद की है। पकड़े गये आरोपियों में से  उग्रसेन,और लाखन पुराने अपराधी है।  

अकरम के साथ परिवार के परिजन रहे मौजूद
जब अकरम की बरामदगी की खबर परिजनों को मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। अकरम के पिता का कहना है कि आज पुलिस टीम ने मुझे मेरा बेटा लौटा कर दिया है। अकरम का कहना है कि मैं पुलिस द्वारा दिए दूसरे जीवन के लिए हमेशा पुलिस के साथियों का ऋणि रहुंगा, और उनका हमेशा शुक्रिया अदा करता रहुंगा। अकरम  ने बताया कि अपहरण के दौरान वह सिर्फ ऊपर वाले को याद करते थे, और बदमाशों की गिरफत के दौरान रोज रखा करते थे। उन्होने बताया कि घर पहुंचकर सबसे पहले वह अल्लाहा का शुक्र अदा करेगें।