डग्गेमार वाहनों के सहारे होता है किडनैपिंग का कारोबार

पुलिस की अनदेखी......

-वर्ष 2012 से अबतक हो चुकी हैं डग्गेमार वाहनों से दर्जनों वारदातें
-अधिवक्ता अकरम को राजस्थान नंबर की बोलेरो में ले गये बदमाश

अग्र भारत ब्यूरो


आगरा। सिकंदरा-भगवान टॉकीज के बीच में से गाड़ी में डालकर अपहरण कर ले गये अधिवक्ता का यह मामला पहला नहीं हैं। इससे पूर्व में भी सिकंदरा, रामबाग फ्लाई ओवर से दो अपहरण हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त इन डग्गेमार वाहनों में दर्जनभर से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। हाईवे पर चल रहे डग्गेमार वाहनों की आड़ में बीहड़ गैंग के बदमाश (कैरियर) सदस्य सक्रिय रहते हैं। जो मथुरा, फिरोजाबाद आदि जगह ले जाने के नाम पर उठा ले जाते हैं और पकड़े गये व्यक्ति सीधा धौलपुर के बीहड़ में बदमाशों तक पहुंचा देते हैं। उन्हे उसका मेहनताना तुरंत मिल जाता है। कैरियर का काम करने वाले लोग हम सभी के बीच में रहकर वारदातों को अंजाम देते हैं। इनके लिए सबसे मुफीद तरीका डग्गेमार वाहन ही हैं, जो सवारी ढोने का काम करते हैं और व्यक्ति देखने से सही लगता है। उसे शिकार बना लेते हैं। जिले में अधिवक्ता के अलावा एक चांदी कारोबारी भी लापता चल रहा है। वहीं मथुरा में हाल ही में एक डॉक्टर का अपहरण कर बदमाशों ने 52 लाख की फिरौती वसूली है।

बच्चूमल शोरूम का सेल्समैन हुआ था किडनैप
वर्ष 2012 की बात है कि एमजी रोड स्थित बच्चूमल शोरूम का सेल्समैन काम करके अपने घर एत्मादपुर के लिए निकला था। भगवान टॉकीज फ्लाई ओवर के ऊपर से बोलेरो में कई व्यक्ति देख वह बैठ गया। चालक शोर मचा रहा था कि टूंडला, फिरोजबाद, वह एत्मादपुर तक के लिए बोलेरो में सवार हो गया। गाड़ी जब एत्मादपुर नहीं रुकी तो उसने शोर मचाया, लेकिन बदमाशों ने उसकी कनपटी पर पिस्टल लगा दी। उसे बुरी तरह पीटा और पैरों के नीचे डालकर ले गये। उसे तब पता चला था कि बोलेरो में बैठे युवक सवारी नहीं बदमाश हैं। सेल्समैन को पुलिस एक एएसपी के अंडर में 13 लाख रुपये की फिरौती देकर छुड़ाकर लाई थी। सेल्समैन पहनावे से बदमाशों को बड़े घर का प्रतीत हुआ था, इसलिए उसे बदमाश ले गये थे और फिरौती की रकम 50 लाख मांगी थी, हालांकि बाद में युवक की माली हालत पता चली तो उन्होंने रकम कम कर दी थी।

थाने के सामने से ले गये थे युवक को
वर्ष 2013 में सिकं दरा थाने के सामने से एक युवक को डग्गेमार वाहन में ले गये थे। लड़का मूलरूप से जिला एटा के गांव सकरौली का रहने वाला था। पूछताछ में पता चला था कि लड़के को उस लड़की की मिस्डकॉल आई थी। दोनों में प्यार भरी बातें होने लगीं। लड़की ने सिकंदरा उसे मिलने के लिए बुलाया था। दोनों थाने के सामने मथुरा जाने के लिए खड़े थे। लड़की ने उससे कहा था कि यहां के होटल सुरक्षित नहीं हैं हम लोग मथुरा चलते हैं। इसी बीच एक बोलेरो आकर रुकी और दोनों उसमें सवार हो गये। लड़की ने उसे धौलपुर डांग के बीहड़ में पहुंचा दिया था। लड़की के साथ दो युवक और भी थे।

युवक को छुड़ाने में सीओ हुए थे घायल
धौलपुर के बीहड़ से युवक के घर फिरौती की कॉल आई थी। उसके बाद से ही पुलिस सक्रिय हुई। चार टीमें सकुशल बरामदगी के लिए लगाई गर्इं। आॅपरेशन में तत्कालीन सीओ समीर सौरभ खुद लगे। उनके साथ एसओ सिकंदरा, सर्विलांश प्रभारी छोटेलाल, एसआई यतींद्र शर्मा, कास्टेबल महेश सिंह आदि लगे थे। पुलिस ने होशियारी से काम लिया और युवक को छुड़ा लाये थे। हालांकि उस दौरान पुलिस के द्वारा दिये गये रुपये नकली थे। जिसकी भनक लगने पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने भी जबावी फायरिंग की और बदमाश भाग गये। रात के अंधेरे में करीब उंचाई से फायरिंग कर रहे सीओ समीर सौरभ सत्तर फुट गहरी खाई में गिर गये थे। उनके काफी गंभीर चोटें आई थीं।

लूट की हो चुकी हैं वारदातें
ओला में चलने वाली गाड़ियों से भी कई बार वारदात हो चुकी हैं। एत्माउद्दौला पुलिस ने इस तरह के एक गैंग को पकड़कर खुलाया किया था। लोग जल्दबाजी और सस्ते के चक्कर में सरकारी वाहन में सफर न कर डग्गेमारी कर रहे वाहनों में बैठना पसंद करते हैं। उसी का नतीजा है कि वह वारदात का शिकार हो जाते हैं। शाहदरा निवासी रमेश पचोखरा भैस खरीदने जा रहे थे। वह पिता-पुत्र वाहन के इंतजार में खड़े हुए थे। उनके सामने बोलेरो आकर रुकी, गाड़ी में और भी लोग बैठे थे तो वह भी सवार हो गये। बढ़िया के ताल पर दोनों के साथ मारपीट कर 50 हजार लूट ले गये थे।

एसपी सिटी ने पुरानी टीम किया भंग
एसएसपी के अतिरिक्त शहर में एसपी सिटी की टीम भी काम कर रही थी। टीम पर जुआरियों और सटोरियों से वसूली के जमकर आरोप लगे। थाना एत्माउदद्दौला में तैनात रहा एक सिपाही तो वसूली का आंतक कर रहा था। वह आंख बंदकर सटोरियों की मदद करता। एसपी सिटी ने अपनी टीम के इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव सहित सभी सिपाही दरोगा को हटा दिया है। हाल ही में उन्होंने एक दरोगा और दो सिपाहियों पर भरोसा जताया है। वह पूर्व में कई बड़ी वारदातों पर काम कर चुके हैं। धौलपुर के बीहड़ों में अच्छी पकड़ रखते हैं। गुरूवार को एसपी सिटी ने अधिवक्ता अपहरणकांड में इंस्पेक्टर हरीपर्वत और बुलाये तीन अन्य पुलिसकर्मियों से बात की। पुलिस ने धौलपुर के बीहड़ में डेरा डाल दिया है। अधिवक्ता को सकुशल लाना पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है।