स्टिंग ऑपरेशन ....‘एंट्री’ बोले तो ट्रैफिक अधिकारियों की महीनादारी

भगवान टॉकीज चौराहे पर ठेकेदार गुर्गे के बिगड़े बोल
ठेकेदार का गुर्गा फ्लाई ओवर के नीचे पार्किंग में कराता है जुआ
थाना न्यू आगरा व ट्रैफिक के अधिकारियों के नाम से होती है एंट्री


आगरा। शहर में ट्रैफिक पुलिस और व्यवस्था का हाल सभी के सामने है। सिग्नल पर प्रोपर इंतजामात नहीं हैं। पुलिस के सिपाही बाइक सवारों के पीछे हाथ-पैर धोकर पड़े रहते हैं। उनका व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं हैं, वहीं अधिकारी भी अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं। आपका अखबार दैनिक ‘अग्र भारत’ कई बार ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर आवाज उठा चुका है। इसी क्रम में भगवान टॉकीज चौराहे पर ठेकेदार के गुर्गे से वहां का हाल जाना और उसे वीडियो में कैद किया। ठेकेदार के गुर्गे के बोल सुनकर हम हैरान रह गये कि पुलिस का पूरा सिस्टम ठेकेदार के इशारों पर नाच रहा है। सिपाही, थाना और ट्रैफिक के अधिकारी चौराहे पर होने वाली अनैतिक गतिविधियों को नजरअंदाज करने के लिए महीनादारी वसूल रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे चौराहे पर खड़ा ठेकेदार का गुर्गा बेखौफ सबकुछ खुद कबूल कर रहा है। इस संबंध में एसपी ट्रैफिक को संपर्क नहीं हो सका।


ठेकेदार के गुर्गे की बातचीत के अंश
हमारे रिपोर्टर ने मोबाइल जेब में रख चौराहे पर फ्लाई ओवर के नीचे  खड़े युवकों के पास पहुंच गये। वह आपस में बात कर रहे थे। वहां सुनने से पता चला कि लाल रंग जैकेट पहने खड़ा युवक ठेकेदार का गुर्गा था। वह बड़ी-बड़ी बातें हांक रहा था। एक हाथ में सिगरेट जैकेट की चेन खुली हुई हल्की दाड़ी, उसकी बातों से ऐसा लग रहा था कि शहर का बादशाह यही है। उन्ही के बीच खड़े एक युवक ने सवाल दाग दिया कि यह निजी गाड़ियां चौराहे से कैसे चल जाती हैं। ठेकेदार के गुर्गे ने कहा कि प्रति चक्कर ईको, मैजिक देती हैं। यह मथुरा तक ही जाती हैं, जबकि ठेका में नियम रोजाना 50 रुपये ही ले सकते हैं, लेकिन भाई सिपाही से लेकर ट्रैफिक के बड़े अधिकारी तक रुपया जाता है। थाना पुलिस को 25 हजार रुपये मंथली, ट्रैफिक के सिपाही रोजाना 100 से 200 रुपये ले जाते हैं। ट्रैफिक के बड़े अधिकारी और छोटे वालों के नाम से एंट्री होती है। एंट्री का मतलब होता है कि प्रति गाड़ी हर महीना हजार रुपये से 1200 रुपये लिये जाते हैं। प्रतिदिन के हिसाब से अलग वसूली होती है।

गुर्गा जेब में रखता है बड़े साहब को
गुर्गा इस कदर बेखौफ है कि उसने ट्रैफिक अधिकारियों के अतिरिक्त जिले के एक बड़े अधिकारी का नाम भी वसूली में ले दिया। उसने यह भी कहा कि पुलिस जुआरी, सटोरियों पर कार्रवाई करती है और हमारी तो पार्किंग में रोजाना एक लाख रुपये का जुआ होता है। गाड़ियों के चालक अपनी बारी आने के बीच वाले समय में जुआ के फड़ पर बैठते हैं। न्यू आगरा इंस्पेक्टर ने कई लोगों को जेल भेज दिया था। मुझे इंस्पेक्टर ने खुद फोन करके बता दिया था। अब कोई बात नहीं हैं यह ठेका अपने पास है। पूर्व में 17 साल अनूप यादव चला गया अब अपने आदमी के पास है। उसकी ऊपर तक पहुंच है। कोई समस्या नहीं है। वहां खड़े लोगों से कह रहा था कि हमारे लायक कोई काम या सेवा-पानी हो बता देना।

ठेका पर देर रात बेची जाती है शराब
चौराहे पर स्थित शराब ठेके से रात में किसी भी समय शराब आसानी से मिल जाती है। ठेकेदार के गुर्गे ने बताया कि रात में चलने वाली गाड़ियों के चालक शराब मांगते हैं। चौराहे पर अपना एक आदमी 24 घंटे रहता है। चालकों की हर डिमांड पूरी की जाती है। ठेकेदार को समझा रखा है कि जब भी कहेंगे, तुझे शराब तो देनी पड़ेगी। शटर में पैर मारते ही ठेके में सो रहा व्यक्ति शराब दे देता है। एक लात मारने पर क्वाटर, दो लात मारने पर हाफ मिल जाती है।

ठेकेदार चलवा रहा लाल ऑटो 
परिवहन विभाग ने शहर में हरे ऑटो को ही परमिट दिया है। लाल ऑटो ग्रामीणों क्षेत्रों में ही चल सकते हैं। ठेकादार ने लाल ऑटो चलवाने के लिए हरे ऑटो की अपेक्षा लाल ऑटो से पांच से छह गुनी रकम वसूली जाती है। कुछेक ने तो लाल ऑटो पर हरा रंग पुतवा लिया है। चालकों ने नंबर प्लेट के ऊपर कपड़ा या फिर एक नंबर मिटा दिया है। जिससे ऑटो फोटो चालान से बचा रहे और उनकी पहचान छिपी रहे।