शहर से देहात तक फैला जुआरी व सटोरियों का नेटवर्क

-कुबेरपुर के पास रहनकला से सर्वेश चला रहा है ऑनलाइन क्रिकेट मैच की बुक
-यमुनापार के नरायच, सीतानगर में युवा पीढ़ी को खोखला कर रहे बुकीज


एम डी खान 


आगरा। हारने का डर और जीतने की उम्मीद इन दोनों के बीच जो एक टेंशन वाला वक्त होेता है न कमाल का होता है... खिलाड़ी खेल खेलते हैं और में खिलाड़ियों के साथ खेलता हूं, जो हारता है वही जीतने का मतलब जानता है...। जो आदमी लिमिट में रहता है वह जिंदगी भर लिमिट में रह जाता है। सिर्फ रन मत बनाओ...पैसा भी बनाओ पैसा पैसे को खींचता है। वर्ष 2008 में रिलीज बॉलीवुड की जन्नत फिल्म के यह डायलॉग कुबेरपुर क्षेत्र के कई गांवों में युवा पीढ़ी के मुख से सुने जा सकते हैं। शहर में फल-फूल रहा सट्टेबाज अब जिले में स्लीपर सैल की तरह काम कर रहे हैं। युवाओं को ऐसी लत लगाई है कि शहर को छोड़ों देहात में युवा पीढ़ी जुआ, सट्टे की लत में फंस रहे हैं। इस सब को अंजाम शहर से शिक्षा लेकर गये कई युवा हैं, जो ऑनलाइन  सट्टे के कारोबार को बड़ा रहे हैं।

...फिर संचालित होेने लगी क्रिकैट मैच की बुक
जिले के टॉप-10 सटोरी बेशक अंडरग्राउंड हैं, लेकिन उनका नेटवर्क आज बदस्तूर संचालित हो रहा है। उनके पाले गये शहरी गुर्गे बेशक डरे हुए हो, पर उनके द्वारा देहात में जो फौज खड़ी की गई थी वह उनके पूरे सम्राज्य को संभाले हुए है। थाना एत्मादपुर के कुबेरपुर के पास गांव रहनकला निवासी सर्वेश निषाद घर से आॅनलाइन बुक चला रहा है। पूर्व में रहनकला में ही स्थित पानी की टंकी पर धड़ल्ले से जुआ कराता था। दो साल पहले अंडरट्रेनी आईपीएस ने दबिश देकर कई जुआरियों को जेल भेजा था। उसमें सर्वेश भी था। उस क्षेत्र के अधिकांश लोगों की जमीन लखनऊ एक्सप्रेसवे में अधिग्रहण हुई थी। किसानों को बंजर जमीन की सोने के भाव कीमत मिली थी। कहावत है कि हुश्न होता है, तो नजाकत आ जाती है। कुछ ऐसा ही हाल रहनकला, गढ़ीरामी, चौगान आदि गांव के लोगों का हुआ। सर्वेश कई साल से शहर के सट्टेबाजों के संपर्क में आया था। वहीं से उसे एक चार और चार के सौ करने की दिशा मिली।

सीतानगर स्थित बाडे में चल रही जुआ की गद्दी
सर्वेश के अलावा भागूपुर का भोजा बेस्ट प्राइज के पीछे अपना जुआ का फड़ चला रहा है। वहीं बिहारीपुर काहरभान सिंह यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे जेपी गु्रप द्वारा बनाई गई आॅफिस (खंडहर) में जुआ कराता है। थाना एत्माउद्दौला के सीता नगर स्थित जसंवत नाम व्यक्ति अपने बाड़े में खुलेआम जुआ कराता है। कल तक जो परचून की दुकान पर पिता के साथ बैठता था, वह आज लाखों की नहीं करोड़ों की बातें करता है। नुनिहाई, सीतानगर, प्रकाश नगर आदि इलाकों में एक दर्जन से अधिक प्लाट खरीद रखे हैं। पुलिस से उसका सीधा संपर्क रहता है।

दलाल बन गये कोरियर बॉय
ब्रज में कहावत है कि हल्द लगे न फिटकरी रंग चोखा ही चोखा, जी हां किसी भी मामले में मध्यस्ता करने वाले व्यक्ति को दलाल की उपाधि दी जाती है, लेकिन जुआरियों ने अपनी लाइन में इस काम को करने वाले व्यक्ति को कोरियर बॉय का नाम दिया है। जो फिलहाल जुआ और सट्टे की गद्दी तक नये खिलाड़ी को लाने और ले जाने का काम कर रहे हैं। बुक संचालक से तय होता है कि खिलाड़ी हारे या जीते उसे पर व्यक्ति दो से पांच हजार रुपये प्रतिदिन चाहिए। सीता नगर में  इस तरह के कोरियर बनने के लिए युवाओं में होड़ मच हुई है। वहीं नरायच में रहने वाले एक जुआ संचालक इतना दबंग है कि उसे लोग बॉस के नाम से पुकारते हैं। वह जुआ, प्रतिदिन अलग-अलग घरों से करवाता है। गांव पिपरिया निवासी ज्ञानी सिंह उर्फ सोबरन धोबी खेतों में फड़ लगवा रहा है। यहां बुढ़ाना और कुं आ खेड़ा के जुआरी पहुंच रहे हैं।

डर से आज भी दहशत में हैं सट्टेबाज
आईजी ए सतीश गणेश सख्त हुए तो जिले में गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लग गया। एसएसपी ने भी कार्रवाई के लिए टीम को कार्रवाई के लिए हिदायत दी थी। दो माह अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने कईयों को पकड़ा, जो सही थे उन्हे पूछताछ के बाद छोड़ दिया, तो वहीं गलत लोगों पर कार्रवाई कर संदेश दिया कि अब अधिकारी सख्त हैं। संजय कालिया और रिंकू सरदार पर ऐसी कार्रवाई हुई कि उनका जेल से निकलना हाल में मुश्किल हो गया है। दोनों पर पुलिस ने गैंगस्टर में कार्रवाई कर दी है। जबकि आशीष गोयल उर्फ जॉली ताजगंज से जुआ अधिनियम के मुकदमें में कोर्ट में सरेंडर हो गया और उसे आसानी से जमानत मिल गई। पुलिस सब जानती थी, लेकिन जॉली पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। अन्य कई जुआरी, सटोरी शहर से आज भी भागे हुए हैं। संजय कालिया पर हुई कार्रवाई के बाद वह डरे-सहमे हुए हैं। उन्हे डर है कि पुलिस रस्सी का सांप न बना दें।

वैध का  इलाज करने की तैयारी में पुलिस
एसपी सिटी शहरी क्षेत्र में हो रही अवैध गतिविधियोें पर नजर रखे हुए हैं। इसके लिए एसएसपी की टीम है और एसपी सिटी की टीम भी काम कर रही है। एसपी सिटी की टीम ने कई बड़े सटोरियों को जेल भेजा है। इसमें कैलाशपुरी निवासी छक्कू भी था। पुलिस के निशाने पर अब नवनीत उर्फ मामा मसाले वाला, लोहामंडी का वैद्य जो हरीपर्वत क्षेत्र का है, आकाश चौपड़ा और अंशुल सिंघल हैं।