होमगार्ड बने एटीएम कार्ड ! ट्रैफिक पुलिस के लिए बने उगाई का जरिया

ट्रकों में चौराहे से चढ़ते हैं और आगे जाकर उतर जाते हैं
-नो एंट्री में जाते ट्रकों से पुलिस का गुर्गा करता है वसूली  

शाहरुख खान


आगरा। कप्तान महोदय ट्रैफिक में फैली गंदगी को साफ करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो वहीं ट्रैफिककर्मियों के शातिर दिमाग उनसे अलग दो कदम आगे की सोच रहे हैं। वह किसी भी हाल में अवैध वसूली को नहीं छोड़ना चाहते हैं। ट्रैफिक में तैनात अधिकारी मॉनीटरिंग छोड़ चौराहों पर खड़े होकर चेकिंग में लगे हुए हैं। ये तो वही वाली कहावत हो गई कि एक मजदूर बचाने के लिए ठेकेदार खुद ही काम में लग जाये। ट्रैफिक में तैनात निचले पायदान के होमगार्ड टीआई और टीएसआई के लिए वसूली का काम कर रहे हैं। पिछले दिनों एसपी ट्रैफिक ने भगवान टॉकीज चौराहे पर अभियान चलाया था तो डग्गेमार बस चालकों ने एक टीआई के चालक की पोल खोल दी थी। उसके बाद चोरी-छिपे वसूली हुई, लेकिन एक बार फिर से उगाई शुरू हो गई है।

वाटरवर्क्स चौराहे पर वसूली
आलाधिकारियों से पुलिस वसूली की बात की जाये तो वह सिरे से नकार देते हैं। उनकी बात कितनी सच है यह दिखाने के लिए ‘दैनिक अग्र भारत’ की टीम शुक्रवार सुबह से ही हाईवे पर सक्रिय हो गई। करीब छह बजे वाटरवर्क्स से जीवनीमंडी जाने के लिए नो एंट्री में ट्रक घुसा। उसे देख एक व्यक्ति दौड़ता हुआ क्लीनर साइट पर पहुंच गया। ट्रक में सिर्फ चालक ही था। ट्रक चालक ने सौ-सौ के चार नोट निकालकर व्यक्ति की तरफ बढ़ दिये। यह सब हमारे कैमरे में कैद हो रहा था। यह देख चौराहे पर खड़े सिपाही ने उस व्यक्ति को जोर से आवाज लगाई और वह पैसे वहीं छोड़कर भाग गया। सिपाही ने आगे आकर ट्रक रोका, लेकिन चालक और सिपाही की आंखों ही आंखों में कुछ इशारे हुए और वह नो एंट्री में प्रवेश कर गया। अधिकारी चाहें तो पूरे दिन यह क्रम देख सकते हैं।


सिकंदरा से चढ़ा मारियम टॉम पर उतरा
शुक्रवार सुबह दस बजे सिकंदरा चौराहे पर भगवान टॉकीज की तरफ से आ रहे ट्रक को देख एक सिपाही ने होमगार्ड को इशारा किया। होमगार्ड लपककर ट्रक के आगे पहुंच गया। गार्ड को जरा भी डर नहीं था कि ट्रक के ब्रेक न लगे तो उसका राम नाम होना तय है, लेकिन उसके बॉस का आदेश है, तो उसे मानना तो पड़ेगा। गार्ड ने हाथ बढ़ाकर क्लीनर साइट की खिड़की खोली और चढ़ गया। हमने भी उसका पीछा किया। मॉरियम टॉम से सौ मीटर पहले ट्रक रुका और गार्ड उसमें से उतरा और पैदल चौराहे तक पहुंचा। गार्ड की यह पूरी हरकत अग्र भारत टीम ने अपने कैमरे में कैद कर ली। होमगार्ड का यह क्रम लगातार चलता रहा। एक घंटे चौराहे पर रुकने के बाद आगे बढ़ गये।

अवैध बसों से वसूली करता था टीआई का चालक
भगवान टॉकीज और वाटरवर्क्स से दर्जनों डग्गेमार बसों का संचालन होता था। हाल मेंं बसों की संख्या कम हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार ट्रैफिक अधिकारियों को महीनादारी देता था। यह सूचना एसपी ट्रैफिक प्रसांत प्रसाद को लगी। उन्होंने कुछ दिन पहले अवैध बसों के खिलाफ अभियान चलाया। बस चालकों ने एसपी से साफ कहा था कि टीआई, टीएसआई के लिए 12-12 हजार रुपये और एचसीपी को प्रतिदिन 200 रुपये देते हैं। टीआई की वसूली करने चालक आता था। यह बात सुनकर एसपी आनन-फानन में कार्रवाई की और वहां से निकल आये। उसके बाद बसें कम हुई है। हालांकि फिर सबकुछ सामान्य होता जा रहा है। बतादें कि हर महीना टीआई की ड्यूटी बदलती है। तीनों टीआई एक ही नाव में सफर कर रहे हैं।