ट्रैफिक पुलिस की है आधे-आधे की हिस्सेदारी

-तमिलनाडू, गुजरात, एमपी, महाराष्टÑ नंबर के ट्रकों से वसूले जा रहे दो सौ रुपये
-वाटरवर्क्स चौराहे से 400 रुपये नो एंट्री में अंदर जाने के और 400 सौ ही बाहर निकलने के


आगरा। नगर निगम ने ठेकेदारों को ठेका देखकर गुंडई करने का लाइसेंस दे दिया है, तो वहीं पुलिसकर्मी नो एंट्री में भारी वाहनों को एंट्री दे रहे हैं। इसके लिए सिपाही खुलकर रुपये मांग रहे हैं। पुलिस चार सौ तो ठेकेदार शहर में हाईवे से निकल रहे ट्रकों से गुंडा टैक्स वसूल रहे हैं। दैनिक अग्र भारत ने मंगलवार सुबह से दोपहर तक रामबाग और वाटरवर्क्स का हाल देखा तो पुलिस और ठेकेदारों की जुगलबंदी दिखाई दी। इन सब में ट्रैफिक पुलिस बिना करे के मलाई खा रही है। पुलिस और ठेकेदार जो भी वसूल रहे हैं, वह दोनों चौराहा पर मौजूद ट्रैफिक अधिकारी को पहुंचा रहे हैं।

सुबह नौ बजे वाटरवर्क्स चौराहा
मंगलवार सुबह नौ बजे वाटरवर्क्स चौराहा पर छत्ता थाने की पुलिस, हरीपर्वत पुलिस और ट्रैफिक के जांबाज खड़े हुए थे। धूप में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ने वैसे-वैसे चौराहा पर सवारियों और राहगीरों की चहल-पहल बढ़ गई। चौराहे पर ऑटो धमा चौकड़ी करने लगे। पुलिस बूथ पर विमल नाम का सिपाही एक आॅटो को जबरन खींच लाया। ऑटो चालक छोड़ने के लिए दुहाई देने लगा, कि साहब अभी आया हूं, चालान मत करो, गरीब आदमी हूं। सिपाही ने सोमवार दिन का हवाला देते हुए कहा कि कल तो तू बहुत फ्लाई ओवर से चक्कर लगा रहा था। ऑटो चालक बहुत देर छोड़ने के लिए विनती करता रहा, लेकिन सिपाही सरकारी काम कर रहा हूं तू परेशान मत कर, चालक ने ठेकेदार के गुर्गे और सिपाही के दलाल वीरू से भी छोड़ने के लिए गुजारिश कहा।

वीरू ने ट्रक चालक से मांगे एक हजार
सिपाही और आॅटो चालक के बीच हो रही बातचीत के दौरान मुरैना की तरफ जा रहा एक छह चक्का ट्रक आ गया। ट्रक को आता देख सिपाही ऐसे भागे जैसे मानो ट्रक पाकिस्तान से आरडीक्स लेकर भारत में घुस रहा हो, ट्रक को एक तरफ लगवाया। उसे नो एंट्री होने की हिदायत दी गई और कहा कि रात्रि ग्यारह बजे ट्रक निकल सकेगा। ट्रक चालक जो कि पुलिस से बखूबी परिचित होते हैं, उसने उसी स्टायल में सिपाही को एक सकेंत किया। सिपाही ने वीरू को ट्रक चालक से बात करने के लिए कहा, वीरू ने ट्रक चालक को एक हजार रुपये देने की बात कही। सिपाही ने सुनकर ईमानदारी दिखाते हुए कहा कि एक हजार नहीं नो एंट्री में जाने के सिर्फ चार सौ रुपये हैं और नो एंट्री से बाहर निकलने के भी चार सौ रुपये हैं। उसी दौरान एक ट्रक और आ गया। उसने दूर से ही कह दिया कि चौधरी साहब का है, वह यह कहते हुए जीवनी मंडी चौकी की तरफ चला गया।

25 से 30 ट्रक घुसते हैं नो एंट्री में
बतादें कि यमुना किनारे कई ट्रांसपोर्ट आज भी चल रही हैं। यहां से पूरे दिन-रात ट्रकों का आवागमन लगा रहता है। नो एंट्री में जाने वाले से छत्ता पुलिस और बाहर निकलने वाले ट्रक से हरीपर्वत थाने की चौकी रिंग रोड पुलिस वसूल करती है। इन दोनों से ट्रैफिक पुलिस का बराबर का हिस्सा है। चौराहा इंजार्च ट्रैफिक पुलिस ही है। 800 में से 400 रुपये ट्रैफिक पुलिस को जाते हैं। हमने यह भी देखा कि लेनदेन को लेकर दो सिपाही आपस में झगड़ तक गये। उनमें एक सिपाही दोनों तरफ से आने वाले ट्रकों से वसूली कर रहा था। प्रतिदिन पुलिस बूथ पर बैठने वाले सिपाही 25 से 30 हजार रुपये लेकर जाते हैं। ठेकेदार से अलग से वसूली ली जाती है।

एनएच 2 पर चल रहे ट्रक से रुपये लेता गुर्गा
दोपहर रामबाग फ्लाई ओवर के ऊपर अवैध वाहनों ने अड्डा बना लिया है। यहां से वाहन सवारियां भरते हैं। जो कि गैरकानूनी है। मंगलवार को होरो होंडा बाइक सवार व्यक्ति जो कि ठेककेदार का गुर्गा बताया जा रहा है। एनएल 01 एसी 8587 ट्रक से जबरन रोककर रुपये लेते हुए अग्र भारत की टीम ने कैमरे में कैद कर लिया। फोटो में साफ दिख रहा है कि चालक ने पहले बीस का नोट दिया जिसे बाइक सवार ने देखते ही वापस कर दिया। उसे हड़काया और सौ-सौ के दो नोट लिये। गुर्गा के निशाने पर अधिकाश गुजरात, हरियाणा, पंजाब, एमपी, तमिलनाडु, गोवा के ट्रक रहते हैं। इन्हे देखते ही गिद्ध की तरह पीछे लग जाता है। ठेकेदार को हाईवे से वसूली करने का कोई अधिकार नहीं है। ठेका पुल के नीचे है, लेकिन ठेकेदार ट्रैफिक पुलिस की सह पर फ्लाई ओवर पर वसूली करता है।

ठेकेदारों पर हो चुकी है कार्रवाई
तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने शाहदरा पर ट्रक से तहबजारी कर रहे एक युवक को खुद पकड़कर एत्माउद्दौला को दिया था। दिसंबर माह में एसपी सिटी बौत्रे रोहन प्रमोद ने खुद रामबाग और वाटरवर्क्स पर कार्रवाई की थी। जिसमें वीरू नाम के युवक को जेल भेजा था। वहीं वीरू आज पुलिस और ट्रक, ऑटो  चालकों की दलाली कर रहा है। चौराहे पर सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक ड्यूटी रहती है। रात में अगर कोई इन चौराहों पर पुलिस व ठेकेदार के गुर्गो का खेल देख ले तो लुटेरों के प्रति नजरिया बदल जाये।