कैसे हल हो सीवेज चोक की समस्या?

-किचिन, वाथरूम व शौचालय में भरा सीवर का पानी
-सफाई के नाम पर केवल दौड़ते बातों के बुलबुले

आगरा  । कहने को तो आगरा महानगर है। आवास विकास कालोनी बोदला सिकंदरा के सेक्टरों में सीवेज की समस्या ने वहां के निवासियों का जीना हराम कर दिया है। इन सेक्टरों में तीन माह से सीवेज चोक की समस्या बनी हुई है। जिसके सम्बन्ध में नगर आयुक्त तक को अवगत करा दिया गया है। सीवेज लेकेज की समस्या के चलते यहां के मकानों का हाल गन्दे नालों से भी बुरा हो गया है। घरों में सीबेज का पानी भर गया है। क्षेत्रिय लोगों का कहना हैकि नेताओं के दबाव में आकर कभी कर्मचारी आ भी जाते है तो नेताओं के घर के बाहर ही सफाई करके चले जाते है जिसके एक दो घण्टे बाद फिर वही हाल हो जाता है।


इन कॉलोनियों में कुछ घर तो ऐसे है जिनका हाल गन्दे हाले जैसा हो गया है। सैक्टर 11 में बने मकान नम्बर1084 के बाहर शौचालय बना हुआ है जो सीवर के पानी से लबलबा भरा हुआ है।बाथरूम में कीड़े रेंग रहे हैं। पानी है कि कमरे की और भी बढ़ता है दुनिया भर की गंदगी बाल्टी में भर कर दरवाजे पर फैलानी पड़ती है । सबसे गम्भीर मामला रशोई का है। जिसकी सिंक बन्द करनी पड़ी है । नीचे फर्श पर भरे पानी को नाली में बोरी लगा रोकने का असफल प्रयास किया मगर नही हुआ तो फिर उसकी घेराबंदी कर पानी को रोका हुआ है । बदबू और गंदगी के बीच कैसे भोजन बच्चों घर में बीमार के लिए बने चिंता का कारण हैं। एम आई जी साइट जा एक परिचित के यहां से व्यवस्था चल रही है । और निजी कार्य इधर उधर या सार्वजनिक स्थलों पर जाकर निबटाए जा रहे हैं।1103 नम्बर मकान में जब पानी भर जाता है तो पूरा घर उसे निकालने में लगता है । एक फरवरी से प्रारम्भ फ्री टोल नम्बर पर 1084 मकान की शिकायत दर्ज होती है । जिसका नम्बर अगले दिन से चार फरवरी तक फारवर्ड ही होता रहता है । चार फरवरी को जब एक अखवार में उस की खबर के साथ वबाल के अधिकारियों के टोल फ्री नम्बर छपते हैं । जब उनपर बात करते हैं तो पहले से दूसरे से तीसरे और चौथे से जब बात नेट प्रोजेक्ट अधिकारी राजेन्द्र जी तक पहुँचती तो वे एक नया नम्बर देते हैं । जहां से एक को लाइन पर ले बात होती है तो वह कहता है आवास विकास कालिनी का तो जॉन ही तय नहीं है।

 

पार्षदों की नही सुनवाई
पार्षद डाक्टर मंजुला सिंह व एस जैन का कहना है कि वे शिकायत करते हैं तो कुछ नहीं होता । तीन माह से सीवर चोक होने से हम लोग इतने परेशान हैं कि कुछ बड़ा कर लें तो प्रशासन जिम्मेदार होंगे ।
महेश कुमार 1086 सेक्टर 11 ए घर ऊंचा करा लिया पर अब गली में सीवर का पानी अड़ोसी पड़ोसी का ओवर फ्लो होने से जान को आ बनी है क्या करें समझ में नाहन आता , किंतनी बार 100 रुपया चंदा देकर निजी स्तर से दिखवाएँ फिर भी सीवर चोक नहीं खुल रहे ।

 

समस्या की जड़ क्या है
आवास विकास कालोनी के सीवर को बाहर कहां ले जाया जाए पर 40 साल बाद भी तय नहीं किया जा सका है । कई बार जानने का प्रयास किया गया कि आखिर ये पानी किधर ले जाकर छोड़ा जा रहा है । तो कहा जाता है 5-6 सेक्टरों के साइफन पॉइंट बनाये गये है । जिनमें पम्प लगाए गए हैं जिनसे सीवर संक किये जाते हैं ।और वो वहीं आस पास दुर्गंध फैलाने के लिए छोड़ दिया जाता है । सेक्टर 6 और 7 के मुहाने पर बना शकिंग पॉइंट आये दिन बन्द ही हो जाता है, पूछने पर डीजल न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते है। क्षेत्रिय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा पुन:सीवर डलबाने के बाद ही समस्या से निजात दिलाई जा सकती है।