अनपढ़ महिला चला रही थी अस्पताल, फर्जी क्लीनिक हुआ सील

सुमित गर्ग 
आगरा । खेरागढ़ स्वास्थ्य विभाग लाख दावे करे कि उनके विभाग में सब ठीक है लेकिन मामला इसका उलट ही है आये दिन झोलाछाप डॉक्टरों की करतूत से किसी न किसी की जान पर आफत आ जाती है लेकिन इतना सब होते हुये भी स्वास्थ्य विभाग इस सब से बेखबर रहता है। जबकि सरकारी अस्पताल से सौ मीटर की दूरी पर अनपढ़ महिला अस्पताल चला रही है।
 इस अस्पताल में प्रसूताओं से डिलीवरी कराने का मोटी रकम में ठेका ले लिया जाता है अगर किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो हाथ खड़े कर दिए जाते है औऱ मरीज को आगरा रेफर कर दिया जाता है। 
मामला खेरागढ़ कस्बे का है यहाँ के स्थानीय निवासी मनोज कुमार के भाई की पत्नी रवीना को प्रसव पीड़ा होने पर खेरागढ़ मण्डी के सामने अस्पताल में दिखाया गया तो महिला डॉक्टर ने खुद को डिग्री धारक होने का दावा करते हुये रवीना को अपने यहाँ भर्ती कर लिया और कहा के हमारे यहाँ महिला चिकित्सक भी हैं जो कि सही सलामत प्रसव करा देंगी उसके बाद घरवालों ने घर की एक बुजुर्ग महिला को उपरोक्त के पास छोड़ दिया और सारे लोग घर चले गये, आरोप है कि घरवालों के जाने के बाद वहाँ कोई महिला चिकित्सक नहीं आई बल्कि वहाँ मौजूद खमान सिंह नाम का व्यक्ति ही रात में कई बार महिला मरीज के कक्ष में जा कर खुद ही महिला का चेक अप करने लगा जब महिला मरीज ने विरोध  किया तो धमकी दी। बेतरबीन तरीके से प्रसव पीड़ित महिला का चेकअप करने से महिला की हालात अत्यधिक बिगड़ गयी। हालात बिगड़ने के बाद झोलाछाप ने हाथ खड़े कर दिये और मरीज को आगरा रेफर कर दिया। पूरा मामला खुलने के बाद जब घरवालों ने महिला मरीज से पूछताछ की तो महिला ने पूरी आपबीती घरवालों को बताई। पूरा वाकया पता करने के बाद जब मनोज कुमार उपरोक्त दुकान पर पहुंचे तो डॉक्टर ने उल्टा उनको धमकाते हुये भगा दिया। यह धमकी देते हुए अगर हमारे अस्पताल की  शिकायत की तो  झूठे मुकदमे में फसा देंगें।  पीड़ित मनोज ने उपजिलाधिकारी खेरागढ़ अमरीश कुमार बिंद व थाना खेरागढ़ में शिकायत दर्ज कराई । उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे तो वहाँ प्रसव से सम्बंधित कई मशीन व उपकरण मिले। अस्पताल में रजिस्ट्रेशन से सम्बंधित कोई कागज नहीं दिखा पाने के बाद उपरोक्त दुकान को सीज कर विभागीय कार्यवाही के निर्देश दे दिये हैं।