युवक को हाईवे किराने फैंक कर भागे, सूदखोरों की पैरवी करती रही पुलिस

-गैरकानूनी तरीके से सूदखोरी करने वालों के चंगुल में लोग
-पुलिस पीडित का साथ देने की बजाय पढाने लगती है नैतिकता का पाठ


मथुरा। कान्हा की नगरी में सूदखोरों ने ऐसा मकडजाल बिछा दिया है जिसमें में एक बार फंसने के बाद किसी का भी निकलपाना मुशिकल हो जाता है। सूदखारों की सबसे बडी ताकत पुलिस ही बनी हुई है। हालत यह है कि कई लोग इन सूदखोरों की चंगुल में फंस कर आत्महत्या कर चुके हैं। पुलिस है कि कार्यवाही की बजाय पीडित को उल्टे नैतिकता का पाठ पढाने लगी है। इससे सूदखोरों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह किसी को भी घर से उठाकर ले जा सकते हैं, मारपीट कर सकते हैं यहां तक कि अपहरण करने के बाद कहीं भी फैंक कर चले जाते हैं।
ऐसा ही एक वाकया रविवार की सुबह भी घटना। शहर कोतवाली अंतर्गत किशनटीला में सुबह करीब साढे सात बजे सूदखोर के कारिंदा एक युवक को घर से उठा ले गये और दबाव बनने पर मारपीट कर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जयगुरूदेव मंदिर के पास फैंक कर चले गये। डब्बू पुत्र रामंचद्र निवासी किशनटीला भैंस बहोरा थाना कोतवाली ने कुछ लोगों से पैसे ब्याज पर उधार लिये थे। सूदखोरों ने किश्तों में वसूली की शर्त रखी थी। डब्बू किश्त चुकाता रहा। जब किश्त पूरी हो गईं तो उसने पैसा देने बंद कर दिया। जबकि सूदखोर इसके बाद भी दी गई कुल मूंद के भुगतान के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। रविवार को दो मोटरसाइकिलों पर चार युवक डब्बू के घर पहुंचे और डब्बू से बात करने के बाद जबरन उसे अपने साथ ले गये। यह सब वाकया डब्बू के पिता रामचंद्र भी देख रहे थे। उन्होंने डब्बू को उठा ले जाने की सूचना अपने दूसरे बेटे बबलू को दी। बबलू ने 122 नम्बर पर पुलिस को की मदद मांगी। बबलू ने अपने भाई डब्बू का मोबाइल नम्बर भी पुलिस को दिया। पुलिस की डब्बे के मोबाइल नम्बर पर एक बार बात हो गई। इसके बाद फोन बंद हो गया। फोन बंद होने के बाद घर में कोहराम मच गया। सर्विलांस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो जयगुरूदेव मंदिर के आसपास मिली। खेजबीन पर हाइवे के किनारे डब्बू बडा मिला। इसके बाद डायल 112 नम्बर की गाडी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें थान कोतवाली जाकर अग्रिम कार्यवाही करने की बात कही। पीडित परिवार थाना कोतवाली पहुंचा तो वहां पहले तो उनकी कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। जब पीडित परिवार ने खिलकर तहरीर दी तो पुलिसवालों ने पैसे लेकर वापस नहीं करने की नीतय  होने का आरोप लगाकर कह दिया कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। जब दूसरे लोगों को घटनाक्रम की जानकारी मिली थी वह भी कोतवाली पहुंच गये। इसके बाद पुलिस ने पीडित की तहरीर ली। पीडित डब्बू का कहना है कि उसने जितने पैसे लिये थे वह दे दिये हैं। उसके चैक भी इन लोगों के पास रखे हुए हैं। चैक वापस करने की बात कही तो फिर से पैसा मांगने लगे।